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Rewari News: अप्रैल आया, पर किताबें नहीं....पुराने सिलेबस की किताबों से चल रही पढ़ाई
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रेवाड़ी। बिठवाना स्थित पीएमश्री विद्यालय में पहुंची कक्षा आठवीं की किताबों की पहली खेप।संवाद
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में एक अप्रैल से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है लेकिन अभी तक पहली से कक्षा सातवीं तक की किताबें स्कूलों में नहीं पहुंच पाई हैं। बुधवार सुबह कुछ विद्यालयों में कक्षा आठवीं की किताबें जरूर पहुंचीं लेकिन उनकी संख्या भी पर्याप्त नहीं है।
विद्यार्थियों को फिलहाल पुराने सिलेबस का ही रिविजन करवाकर पढ़ाई जारी रखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने नए सत्र की शुरूआत में ही विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने के लिए दिसंबर 2025 में स्कूलों से डाटा मांगा था। इसके बावजूद अप्रैल शुरू होने के बाद भी अधिकांश कक्षाओं की किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं।
इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सरकार की ओर से निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं। नियम के अनुसार ये किताबें मार्च के दूसरे सप्ताह तक स्कूलों में पहुंच जानी चाहिए थीं ताकि नए सत्र की शुरुआत बिना किसी बाधा के हो सके।
इस बार देरी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार कुछ कक्षाओं के सिलेबस में बदलाव किया गया है जिसके चलते किताबों की आपूर्ति में देरी हुई है।
फिलहाल कुछ स्कूलों में प्रमोट हुए विद्यार्थियों की पुरानी किताबें नए छात्रों को देकर पढ़ाई करवाई जा रही है जिससे पढ़ाई संभव हो पा रही है। विभाग का दावा है कि 15 अप्रैल तक सभी कक्षाओं की किताबें स्कूलों में पहुंच जाएंगी।
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पहली से आठवीं तक 40 हजार विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
जिले के राजकीय विद्यालयों में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक करीब 40 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा छठी से आठवीं तक करीब 14 हजार 700 विद्यार्थी हैं जबकि कक्षा पहली से पांचवीं तक करीब 20 हजार 680 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। किताबें समय पर नहीं मिलने के कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगी मुफ्त किताबें
शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय स्कूलों में आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें मुहैया करवाई जाती हैं। इसमें पहली कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी के साथ-साथ गणित विषय की पुस्तकें हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के अनुसार दी जाएंगी। दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी और गणित की किताबें मिलेंगी। वहीं तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी, गणित और ईवीएस विषय की पुस्तकें दी जाएंगी। छठी के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, संस्कृत, संगीत और होम साइंस की किताबें मिलेंगी। सातवीं कक्षा के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, पंजाबी और संस्कृत विषय की पुस्तकें भेजी जाएंगी। आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, ड्राइंग, होम साइंस और पंजाबी विषय की किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
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वर्जन:
पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए सत्र 2026-27 की पुस्तकों की मांग निदेशालय को भेजी गई थी। कक्षा आठवीं की किताबें कुछ स्कूलों में पहुंच चुकी हैं जबकि कुछ स्कूलों में अभी आनी बाकी है। जल्द ही सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी। किताबों की सप्लाई सीधे स्कूलों में की जा रही है। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी।
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विद्यार्थियों को फिलहाल पुराने सिलेबस का ही रिविजन करवाकर पढ़ाई जारी रखी जा रही है। शिक्षा विभाग ने नए सत्र की शुरूआत में ही विद्यार्थियों को समय पर किताबें उपलब्ध कराने के लिए दिसंबर 2025 में स्कूलों से डाटा मांगा था। इसके बावजूद अप्रैल शुरू होने के बाद भी अधिकांश कक्षाओं की किताबें स्कूलों तक नहीं पहुंच सकीं।
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इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को सरकार की ओर से निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं। नियम के अनुसार ये किताबें मार्च के दूसरे सप्ताह तक स्कूलों में पहुंच जानी चाहिए थीं ताकि नए सत्र की शुरुआत बिना किसी बाधा के हो सके।
इस बार देरी के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार कुछ कक्षाओं के सिलेबस में बदलाव किया गया है जिसके चलते किताबों की आपूर्ति में देरी हुई है।
फिलहाल कुछ स्कूलों में प्रमोट हुए विद्यार्थियों की पुरानी किताबें नए छात्रों को देकर पढ़ाई करवाई जा रही है जिससे पढ़ाई संभव हो पा रही है। विभाग का दावा है कि 15 अप्रैल तक सभी कक्षाओं की किताबें स्कूलों में पहुंच जाएंगी।
पहली से आठवीं तक 40 हजार विद्यार्थी कर रहे पढ़ाई
जिले के राजकीय विद्यालयों में पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक करीब 40 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें कक्षा छठी से आठवीं तक करीब 14 हजार 700 विद्यार्थी हैं जबकि कक्षा पहली से पांचवीं तक करीब 20 हजार 680 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। किताबें समय पर नहीं मिलने के कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिलेंगी मुफ्त किताबें
शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय स्कूलों में आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें मुहैया करवाई जाती हैं। इसमें पहली कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी के साथ-साथ गणित विषय की पुस्तकें हिंदी व अंग्रेजी माध्यम के अनुसार दी जाएंगी। दूसरी कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी और गणित की किताबें मिलेंगी। वहीं तीसरी, चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अंग्रेजी, हिंदी, गणित और ईवीएस विषय की पुस्तकें दी जाएंगी। छठी के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, संस्कृत, संगीत और होम साइंस की किताबें मिलेंगी। सातवीं कक्षा के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, पंजाबी और संस्कृत विषय की पुस्तकें भेजी जाएंगी। आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, ड्राइंग, होम साइंस और पंजाबी विषय की किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।
वर्जन:
पहली से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए सत्र 2026-27 की पुस्तकों की मांग निदेशालय को भेजी गई थी। कक्षा आठवीं की किताबें कुछ स्कूलों में पहुंच चुकी हैं जबकि कुछ स्कूलों में अभी आनी बाकी है। जल्द ही सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी। किताबों की सप्लाई सीधे स्कूलों में की जा रही है। -बिजेंद्र हुड्डा, जिला शिक्षा अधिकारी, रेवाड़ी।