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Rewari News: जेएलएन से 30 घंटे बाद मिला चंद्रकांत का शव

संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Mon, 01 Jun 2026 11:57 PM IST
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Chandrakant's body was found 30 hours after leaving JLN.
गांव बव्वा के पास जवाहरलाल नेहरू नहर में डूबे युवकों मानव श्रंखला बनाकर सर्च ​अ​भियान चलाते स्थ
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कोसली। गांव बव्वा के पास जवाहरलाल नेहरू नहर में रविवार सुबह नहाने के दौरान डूबे दो युवकों में से एक 20 वर्षीय चंद्रकांत का शव घटना के 30 घंटे बाद बरामद कर लिया गया। अत्याधुनिक संसाधनों से लैस एसडीआरएफ और प्रशासनिक टीमें शव का पता नहीं लगा सकीं जबकि स्थानीय युवाओं ने सात घंटे के सर्च अभियान में शव को ढूंढ निकाला।

रविवार सुबह करीब नौ बजे तीन युवक जवाहरलाल नेहरू नहर में नहाने के लिए गए थे। नहर में पानी का बहाव काफी तेज था। इसी दौरान दो युवक पानी के तेज बहाव में बह गए। डूबने वालों की पहचान बहु गांव निवासी चंद्रकांत (20) और जांट गांव निवासी दुष्यंत (11) के रूप में हुई। वहीं चंद्रकांत का भाई मुकेश किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहा और उसकी जान बच गई।
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चंद्रकांत मानेसर स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत था जबकि दुष्यंत सातवीं कक्षा का छात्र था। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान शुरू किया, लेकिन लंबे समय तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार पानी के तेज बहाव का हवाला देती रही, लेकिन डूबे युवकों का पता लगाने में सफल नहीं हो सकी। इससे निराश होकर आसपास के गांवों के युवाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने नहर में उतरकर एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव शृंखला बनाई और गहन तलाशी अभियान शुरू किया।

स्थानीय गोताखोरों और युवाओं की टीम ने करीब सात घंटे तक लगातार तलाश की। आखिरकार चंद्रकांत का शव घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर नहर में बरामद कर लिया गया। इस अभियान में आनंद, मोनू, पवन, सुनील, कपिल सीहोर, परवीन, नरेश बव्वा, सोनू गढ़ी सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीण इन युवाओं के साहस और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। चंद्रकांत का शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं दूसरे लापता बच्चे दुष्यंत का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसके परिजन लगातार उसकी तलाश किए जाने की मांग कर रहे हैं।

दोनों परिवारों में पसरा मातम
हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें अब भी स्थानीय युवाओं के सहयोग से नहर में सर्च अभियान चला रही हैं। परिजनों और ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही दुष्यंत का भी पता चल सकेगा। वहीं स्थानीय लोगों ने नहर किनारे सुरक्षा प्रबंध बढ़ाने और ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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