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Rewari News: जिले में पीवी मलेरिया के पांच मरीज मिले, फॉगिंग कराने पर दिया जोर
Sat, 25 Jul 2026 11:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:32 PM IST
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डेंगू एवं मलेरिया के प्रभाव को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत:
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रेवाड़ी। जिले में इस वर्ष अब तक पीवी मलेरिया (प्लास्मोडियम विवैक्स परजीवी) के पांच मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पंचायती राज विभाग को पत्र लिखकर गांवों और शहरी क्षेत्रों में फॉगिंग कराने और जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई कराने का आग्रह किया है।
डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक पीवी मलेरिया के पांच मरीज सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में पीवी मलेरिया के कुल 14 मरीज मिले थे, जबकि इससे पहले वर्ष 2018 में 13 मरीज दर्ज किए गए थे।
इस बार मानसून के दौरान जलभराव और बढ़ती नमी को देखते हुए विभाग पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहा है, ताकि संक्रमण फैलने से पहले ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं। बुखार के मरीजों की जांच के साथ-साथ मलेरिया की पुष्टि के लिए आवश्यक रक्त जांच भी कराई जा रही है।
इसके अलावा लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने और पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने ने कहा कि पंचायती राज विभाग को भेजे गए पत्र में गांवों में नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या दूर करने और समय पर फॉगिंग कराने पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया गया है। यदि स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण के उपाय प्रभावी ढंग से किए जाते हैं तो मलेरिया और डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।
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डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि जिले में इस वर्ष अब तक पीवी मलेरिया के पांच मरीज सामने आए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में पीवी मलेरिया के कुल 14 मरीज मिले थे, जबकि इससे पहले वर्ष 2018 में 13 मरीज दर्ज किए गए थे।
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इस बार मानसून के दौरान जलभराव और बढ़ती नमी को देखते हुए विभाग पहले से ही एहतियाती कदम उठा रहा है, ताकि संक्रमण फैलने से पहले ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म किया जा सके।
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उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में सर्वे कर रही हैं। बुखार के मरीजों की जांच के साथ-साथ मलेरिया की पुष्टि के लिए आवश्यक रक्त जांच भी कराई जा रही है।
इसके अलावा लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने, कूलर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने और पूरी बांह के कपड़े पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने ने कहा कि पंचायती राज विभाग को भेजे गए पत्र में गांवों में नालियों की सफाई, जलभराव की समस्या दूर करने और समय पर फॉगिंग कराने पर विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया गया है। यदि स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण के उपाय प्रभावी ढंग से किए जाते हैं तो मलेरिया और डेंगू के मामलों में काफी कमी लाई जा सकती है।