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Rewari News: स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत बनेंगे 4 सार्वजनिक शौचालय, 28.69 लाख का टेंडर जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 18 May 2026 11:53 PM IST
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रेवाड़ी। नगर परिषद क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के तहत चार नए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। सभी शौचालय पांच सीट और यूरिनल युक्त होंगे। इसके लिए 28.69 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है। टेंडर जमा कराने की अंतिम तिथि 23 मई रखी गई है।
नए शौचालय कटला बाजार, ब्रास मार्केट पार्क के पास, कृष्णा नगर, कानोड गेट क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। किसी कारणवश साइट में कोई समस्या आती है तो स्थान बदला जा सकता है।
स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत शहर में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में मदद मिलेगी। शहर में बढ़ती आबादी और बाजार क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सार्वजनिक शौचालयों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
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खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए शौचालय बनने से आम नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
अभी 30.66 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण भी किया जा रहा है। बावल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण होगा। इस पर 14.32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। संवाद
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विकास कार्यों के लिए दिया जाता है बजट
स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका यादव ने बताया कि एसबीएम-यू 2.0 केंद्र सरकार की शहरी स्वच्छता योजना है। इसका उद्देश्य शहरों को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त बनाना है। योजना के तहत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, कचरा प्रबंधन, गंदे पानी की निकासी, सीवर व्यवस्था सुधार और खुले में शौच मुक्त शहर बनाए रखने पर काम किया जाता है। नगर परिषद और नगर पालिकाओं को इसके तहत विकास कार्यों के लिए बजट दिया जाता है।
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धारूहेड़ा में शौचालयों की सफाई के लिए टेंडर जारी
धारूहेड़ा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बने सार्वजनिक शौचालयों के संचालन एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2026-27 का टेंडर जारी किया गया है। इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 13.35 लाख रुपये है। एसबीएम-यू 2.0 योजना के तहत सीमेंट कंक्रीट नाले के निर्माण का टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन कार्य किए जाएंगे, जिससे गंदे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। टेंडर की अनुमानित लागत करीब 38.13 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
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सुधारी जाए पुराने शौचालयों की दशा
भाड़ावास गेट निवासी अजीत ने बताया कि शहर के शौचालयों की स्थिति काफी खराब है। पहले पुराने शौचालयों की दशा सुधारनी चाहिए। सेक्टर 1 निवासी विनोद कुमार ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। अब नए शौचालय बनने से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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शहर में हैं 22 सार्वजनिक शौचालय और 11 यूरिनल
शहर में 22 सार्वजनिक शौचालय और 11 यूरिनल बनाए गए हैं। महाराणा प्रताप चौक के पास, गोकल गेट, बारा हजारी, नाईवाली चौक और रेलवे रोड स्थित शौचालयों में गंदगी का आलम है। शहर में पांच स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे जो अब खराब हो चुके हैं। शहर में शौचालयों की दशा ठीक करने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
वर्जन:
चार नए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।-विकास गर्ग, जेई, नगर परिषद रेवाड़ी।
नए शौचालय कटला बाजार, ब्रास मार्केट पार्क के पास, कृष्णा नगर, कानोड गेट क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। किसी कारणवश साइट में कोई समस्या आती है तो स्थान बदला जा सकता है।
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स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत शहर में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण से शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में मदद मिलेगी। शहर में बढ़ती आबादी और बाजार क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही को देखते हुए सार्वजनिक शौचालयों की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
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खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नए शौचालय बनने से आम नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
अभी 30.66 लाख रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से युक्त दो एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण भी किया जा रहा है। बावल में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक एस्पिरेशनल शौचालय का निर्माण होगा। इस पर 14.32 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। संवाद
विकास कार्यों के लिए दिया जाता है बजट
स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका यादव ने बताया कि एसबीएम-यू 2.0 केंद्र सरकार की शहरी स्वच्छता योजना है। इसका उद्देश्य शहरों को साफ-सुथरा और कचरा मुक्त बनाना है। योजना के तहत सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण, कचरा प्रबंधन, गंदे पानी की निकासी, सीवर व्यवस्था सुधार और खुले में शौच मुक्त शहर बनाए रखने पर काम किया जाता है। नगर परिषद और नगर पालिकाओं को इसके तहत विकास कार्यों के लिए बजट दिया जाता है।
धारूहेड़ा में शौचालयों की सफाई के लिए टेंडर जारी
धारूहेड़ा नगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बने सार्वजनिक शौचालयों के संचालन एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2026-27 का टेंडर जारी किया गया है। इस कार्य की अनुमानित लागत करीब 13.35 लाख रुपये है। एसबीएम-यू 2.0 योजना के तहत सीमेंट कंक्रीट नाले के निर्माण का टेंडर जारी किया गया है। इसके तहत इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन कार्य किए जाएंगे, जिससे गंदे पानी की निकासी व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। टेंडर की अनुमानित लागत करीब 38.13 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
सुधारी जाए पुराने शौचालयों की दशा
भाड़ावास गेट निवासी अजीत ने बताया कि शहर के शौचालयों की स्थिति काफी खराब है। पहले पुराने शौचालयों की दशा सुधारनी चाहिए। सेक्टर 1 निवासी विनोद कुमार ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। अब नए शौचालय बनने से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
शहर में हैं 22 सार्वजनिक शौचालय और 11 यूरिनल
शहर में 22 सार्वजनिक शौचालय और 11 यूरिनल बनाए गए हैं। महाराणा प्रताप चौक के पास, गोकल गेट, बारा हजारी, नाईवाली चौक और रेलवे रोड स्थित शौचालयों में गंदगी का आलम है। शहर में पांच स्थानों पर मोबाइल टॉयलेट रखे गए थे जो अब खराब हो चुके हैं। शहर में शौचालयों की दशा ठीक करने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
वर्जन:
चार नए सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।-विकास गर्ग, जेई, नगर परिषद रेवाड़ी।