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Rewari News: 13 अगस्त तक अच्छी बारिश के आसार, खेतों में जलभराव से फसलें सूखने का खतरा
Sun, 09 Aug 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:04 AM IST
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गांव मसीत के खेतों में भरा पानी। संवाद
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रेवाड़ी। मौसम विशेषज्ञ ने 13 अगस्त तक अच्छी बारिश की संभावना जताई है। हालांकि बारिश खरीफ की फसलों के लिए लाभदायक है लेकिन अगर खेतों में पानी भर गया और उसकी समय से निकाली नहीं की गई तो फसल सूख सकती है। ऐसे में किसानों को खेतों में जलभराव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
पिछले चार दिनों के दौरान जिले के कोसली खंड में सबसे अधिक 220 एमएम बारिश हुई है। खेत में लगातार पानी जमा रहने से फसल की जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिलती और पौधों के सूखने का खतरा बढ़ जाता है। किसान बारिश के बाद खेतों से पानी की निकासी का प्रबंध कर नुकसान से बच सकते हैं।
जिले में इस बार करीब 1.20 लाख एकड़ भूमि में खरीफ की फसलें बोई गई हैं। इनमें बाजरा 1,04,365 एकड़, कपास 6,820, मूंग 121, तिल 10 एकड़, मूंगफली 128 एकड़ और पशुचारा 2,768 एकड़ में है। जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश के दौरान खेतों में पानी भरने की समस्या रहती है। करीब पांच हजार एकड़ भूमि पर जलभराव का संकट बना रहता है।
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लगातार बारिश होने पर इन क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ सकती है। सामान्य बारिश से फसलों को फायदा होगा और मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहेगी। खेत में कई दिनों तक पानी खड़ा रहने पर जड़ों में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे फसल सूखनी आरंभ हो जाती है।
करीब एक सप्ताह तक खेत में जलभराव बना रहता है तो फसल के पौधे कमजोर होकर सूख सकते हैं। खासकर निचले और भारी मिट्टी वाले खेतों में यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।
खेत में पानी भर जाए तो उसे निकालें : डॉ. मनोज
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने किसानों से बारिश पर नजर रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान बारिश रुकने के बाद खेतों का निरीक्षण करें। जहां पानी अधिक भरा हो, वहां खेत की मेड़ को उचित स्थान से काटकर पानी निकालें या पंप सेट के जरिये पानी निकालने का प्रयास करें। पानी की निकासी करते समय ध्यान रखें कि मिट्टी का अधिक कटाव न हो। उन्होंने कहा कि जिले में जलभराव की अधिक समस्या नहीं है। किसान मौसम को देखते हुए खेतों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखें। समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था करने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। जहां जलभराव नहीं है, वहां होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी है।
चार दिनों में कहां कितनी हुई बारिश
खंड - बारिश एमएम में
रेवाड़ी - 98
मनेठी - 105
पाल्हावास - 144
धारूहेड़ा - 72
डहीना - 192
बावल - 162
कोसली - 220
नाहड़ - 128
वर्जन
13 अगस्त तक विशेषकर रोहतक, झज्जर, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बन रही है। अगस्त के दूसरे पखवाड़े में बारिश की गतिविधियों में गिरावट आने के आसार हैं।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ।
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पिछले चार दिनों के दौरान जिले के कोसली खंड में सबसे अधिक 220 एमएम बारिश हुई है। खेत में लगातार पानी जमा रहने से फसल की जड़ों को पर्याप्त हवा नहीं मिलती और पौधों के सूखने का खतरा बढ़ जाता है। किसान बारिश के बाद खेतों से पानी की निकासी का प्रबंध कर नुकसान से बच सकते हैं।
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जिले में इस बार करीब 1.20 लाख एकड़ भूमि में खरीफ की फसलें बोई गई हैं। इनमें बाजरा 1,04,365 एकड़, कपास 6,820, मूंग 121, तिल 10 एकड़, मूंगफली 128 एकड़ और पशुचारा 2,768 एकड़ में है। जिले के निचले क्षेत्रों में बारिश के दौरान खेतों में पानी भरने की समस्या रहती है। करीब पांच हजार एकड़ भूमि पर जलभराव का संकट बना रहता है।
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लगातार बारिश होने पर इन क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ सकती है। सामान्य बारिश से फसलों को फायदा होगा और मिट्टी में पर्याप्त नमी बनी रहेगी। खेत में कई दिनों तक पानी खड़ा रहने पर जड़ों में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है जिससे फसल सूखनी आरंभ हो जाती है।
करीब एक सप्ताह तक खेत में जलभराव बना रहता है तो फसल के पौधे कमजोर होकर सूख सकते हैं। खासकर निचले और भारी मिट्टी वाले खेतों में यह समस्या अधिक गंभीर हो सकती है।
खेत में पानी भर जाए तो उसे निकालें : डॉ. मनोज
रेवाड़ी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने किसानों से बारिश पर नजर रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान बारिश रुकने के बाद खेतों का निरीक्षण करें। जहां पानी अधिक भरा हो, वहां खेत की मेड़ को उचित स्थान से काटकर पानी निकालें या पंप सेट के जरिये पानी निकालने का प्रयास करें। पानी की निकासी करते समय ध्यान रखें कि मिट्टी का अधिक कटाव न हो। उन्होंने कहा कि जिले में जलभराव की अधिक समस्या नहीं है। किसान मौसम को देखते हुए खेतों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखें। समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था करने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है। जहां जलभराव नहीं है, वहां होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी है।
चार दिनों में कहां कितनी हुई बारिश
खंड - बारिश एमएम में
रेवाड़ी - 98
मनेठी - 105
पाल्हावास - 144
धारूहेड़ा - 72
डहीना - 192
बावल - 162
कोसली - 220
नाहड़ - 128
वर्जन
13 अगस्त तक विशेषकर रोहतक, झज्जर, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, मेवात, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बन रही है। अगस्त के दूसरे पखवाड़े में बारिश की गतिविधियों में गिरावट आने के आसार हैं।-डॉ. चंद्रमोहन, मौसम विशेषज्ञ।