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Rewari News: महज 82 मिमी बारिश से सड़कों और अंडरपासों में पानी भरा, आवागमन बाधित
Sun, 09 Aug 2026 12:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 09 Aug 2026 12:06 AM IST
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भाड़ावास गेट के पास भरा बरसात का पानी। संवाद
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रेवाड़ी। दो दिनों में हुई 82 मिमी बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के दस से अधिक स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुख्य मार्गों से लेकर गलियों तक में पानी भर गया। अंडरपासों पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई।
रेवाड़ी में एक सप्ताह में 144 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार की रात और शनिवार सुबह 46 मिमी बारिश हुई। इससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। शनिवार सुबह कुछ समय तक झमाझम बारिश हुई। इसके बाद दोपहर में धूप निकल आई। शाम होते-होते फिर से आसमान में बादल छा गए। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई, लेकिन जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
बस स्टैंड, सिविल अस्पताल, शहर के मॉडल टाउन, बस स्टैंड, शिव चौक, भाड़ावास गेट, सेक्टर-4, रेलवे चौक, नई आबादी, नाईवाली चौक, सर्कुलर रोड सहित मुख्य बाजारों में जलभराव से दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों पर जलभराव के बीच से वाहन चालकों और पैदल जाने वालों को गुजरना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन इलाकों में हुई, जहां पहले से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद पानी निकलने में काफी समय लग जाता है।
शहर के डबल फाटक, भाड़ावास रोड, गोविंदपुरी, धामलावास, सहारनवास अंडरपास सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई अंडरपास में पानी भर गया जिससे आवागमन बाधित रहा। वाहन चालकों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। पैदल निकलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश से पहले और बाद में शहर में जलभराव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों और जलनिकासी के नगर परिषद के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश होते ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। मौसम में बदलाव और आगे बारिश की संभावना के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में भी निकासी की जरूरत बढ़ गई है। बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं शहर की जलनिकासी व्यवस्था की कमियां एक बार फिर सामने ला दीं। लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले स्थानों की स्थायी समस्या का समाधान करने और बारिश के पानी की जल्द निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
कहां कितने एमएम हुई बारिश:
बावल 42.5
रेवाड़ी 46
कोसली 32
नाहड़ 41
जाटूसाना 55
डहिना 6
पाल्हावास 58
परखोतमपुर 55
मनेठी 25
धारूहेड़ा 9
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रेवाड़ी में एक सप्ताह में 144 मिमी बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार की रात और शनिवार सुबह 46 मिमी बारिश हुई। इससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। शनिवार सुबह कुछ समय तक झमाझम बारिश हुई। इसके बाद दोपहर में धूप निकल आई। शाम होते-होते फिर से आसमान में बादल छा गए। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई, लेकिन जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी।
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बस स्टैंड, सिविल अस्पताल, शहर के मॉडल टाउन, बस स्टैंड, शिव चौक, भाड़ावास गेट, सेक्टर-4, रेलवे चौक, नई आबादी, नाईवाली चौक, सर्कुलर रोड सहित मुख्य बाजारों में जलभराव से दिनभर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों पर जलभराव के बीच से वाहन चालकों और पैदल जाने वालों को गुजरना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन इलाकों में हुई, जहां पहले से जलनिकासी की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद पानी निकलने में काफी समय लग जाता है।
शहर के डबल फाटक, भाड़ावास रोड, गोविंदपुरी, धामलावास, सहारनवास अंडरपास सहित ग्रामीण क्षेत्रों के कई अंडरपास में पानी भर गया जिससे आवागमन बाधित रहा। वाहन चालकों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ा। पैदल निकलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश से पहले और बाद में शहर में जलभराव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों और जलनिकासी के नगर परिषद के दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले नालों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था के दावे किए जाते हैं, लेकिन तेज बारिश होते ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में भी पानी जमा होने लगा है। मौसम में बदलाव और आगे बारिश की संभावना के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में भी निकासी की जरूरत बढ़ गई है। बारिश ने जहां लोगों को उमस और गर्मी से राहत दी, वहीं शहर की जलनिकासी व्यवस्था की कमियां एक बार फिर सामने ला दीं। लोगों ने प्रशासन से जलभराव वाले स्थानों की स्थायी समस्या का समाधान करने और बारिश के पानी की जल्द निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है।
कहां कितने एमएम हुई बारिश:
बावल 42.5
रेवाड़ी 46
कोसली 32
नाहड़ 41
जाटूसाना 55
डहिना 6
पाल्हावास 58
परखोतमपुर 55
मनेठी 25
धारूहेड़ा 9

भाड़ावास गेट के पास भरा बरसात का पानी। संवाद

भाड़ावास गेट के पास भरा बरसात का पानी। संवाद