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Rewari News: बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संदेश देता है अंतर्राष्ट्रीय निर्दोष बाल पीड़ित दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 03 Jun 2026 05:20 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। 4 जून को प्रतिवर्ष आक्रामकता के शिकार निर्दोष बच्चों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में हिंसा, शोषण, उत्पीड़न और संघर्षों के कारण प्रभावित होने वाले बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुमन भारद्वाज ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिवस की शुरुआत उन लाखों बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी, जो युद्ध, हिंसा, आतंकवाद, घरेलू उत्पीड़न, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का शिकार होते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। बच्चों के विरुद्ध होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा न केवल उनके वर्तमान को प्रभावित करती है बल्कि उनके भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहे और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए।
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रेवाड़ी। 4 जून को प्रतिवर्ष आक्रामकता के शिकार निर्दोष बच्चों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में हिंसा, शोषण, उत्पीड़न और संघर्षों के कारण प्रभावित होने वाले बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुमन भारद्वाज ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इस दिवस की शुरुआत उन लाखों बच्चों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई थी, जो युद्ध, हिंसा, आतंकवाद, घरेलू उत्पीड़न, शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का शिकार होते हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, सम्मान और संरक्षण का अधिकार प्राप्त है। बच्चों के विरुद्ध होने वाली किसी भी प्रकार की हिंसा न केवल उनके वर्तमान को प्रभावित करती है बल्कि उनके भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है। ऐसे में समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह बच्चों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सजग रहे और किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाए।