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Rewari News: सड़कों पर कीचड़, प्लॉटों में कचरा से उठ रही दुर्गंध
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:06 PM IST
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सड़क के किनारे लगा कचरे का ढेर। स्रोत : स्थानीय नागरिक
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संवाद न्यूज एजेंसी
धारूहेड़ा। प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों पर्यावरणीय संकट देखने को मिल रहा है। उद्योगों के लिए विकसित यह क्षेत्र अब कथित रूप से औद्योगिक कचरे, ईटीपी कीचड़ और सीवर के अवैध निस्तारण का केंद्र बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि सड़कों पर कीचड़, प्लॉट, सड़क किनारे की जमीन और हरित पट्टियां तक प्रदूषित अपशिष्ट से भरती जा रही हैं जिससे क्षेत्र में गंभीर दुर्गंध और गंदगी फैल रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश ने इस मामले को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसआईआईडीसी और जिला प्रशासन को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई औद्योगिक इकाइयों द्वारा ईटीपी स्लज और अन्य अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की बजाय खुले में फेंका जा रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि निजी टैंकरों द्वारा सीवर और संदिग्ध औद्योगिक अपशिष्ट को अनधिकृत स्थानों पर डाला जा रहा है। इससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और भूजल प्रदूषण का खतरा गहराता जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह स्थिति जारी रही तो बारिश के दौरान जहरीले रसायन जमीन में भूजल को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे प्रदूषण फैलाने वालों के हौसले और बढ़ गए हैं।
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संयुक्त जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
लोगों ने सीपीसीबी, एचएसपीसीबी, एचएसआईआईडीसी और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। साथ ही अवैध डंपिंग स्थलों की मैपिंग, दोषी उद्योगों व टैंकर संचालकों की पहचान तथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इसके अलावा भूजल, मिट्टी और स्लज के नमूनों की वैज्ञानिक जांच और पोल्यूटर पेय्स प्रिंसिपल के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने की भी मांग की गई है।
धारूहेड़ा। प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र एचएसआईआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में इन दिनों पर्यावरणीय संकट देखने को मिल रहा है। उद्योगों के लिए विकसित यह क्षेत्र अब कथित रूप से औद्योगिक कचरे, ईटीपी कीचड़ और सीवर के अवैध निस्तारण का केंद्र बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि सड़कों पर कीचड़, प्लॉट, सड़क किनारे की जमीन और हरित पट्टियां तक प्रदूषित अपशिष्ट से भरती जा रही हैं जिससे क्षेत्र में गंभीर दुर्गंध और गंदगी फैल रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश ने इस मामले को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एचएसआईआईडीसी और जिला प्रशासन को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई औद्योगिक इकाइयों द्वारा ईटीपी स्लज और अन्य अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की बजाय खुले में फेंका जा रहा है।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि निजी टैंकरों द्वारा सीवर और संदिग्ध औद्योगिक अपशिष्ट को अनधिकृत स्थानों पर डाला जा रहा है। इससे क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और भूजल प्रदूषण का खतरा गहराता जा रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार यदि यह स्थिति जारी रही तो बारिश के दौरान जहरीले रसायन जमीन में भूजल को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
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संयुक्त जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
लोगों ने सीपीसीबी, एचएसपीसीबी, एचएसआईआईडीसी और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। साथ ही अवैध डंपिंग स्थलों की मैपिंग, दोषी उद्योगों व टैंकर संचालकों की पहचान तथा उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इसके अलावा भूजल, मिट्टी और स्लज के नमूनों की वैज्ञानिक जांच और पोल्यूटर पेय्स प्रिंसिपल के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूलने की भी मांग की गई है।