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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Twisha Case: Giribala and Samarth spent their first night in jail eating Kadhi and Roti news in hindi

त्विषा केस: जेल में गिरिबाला-समर्थ ने कढ़ी खाकर गुजारी पहली रात, दोपहर को खाई करेले की सब्जी; उपन्यास भी पढ़ी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sabahat Husain Updated Wed, 03 Jun 2026 06:45 PM IST
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सार

भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में दहेज हत्या के आरोप में बंद पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह की पहली रात केंद्रीय जेल में आम बंदियों की तरह बीती। दोनों ने सामान्य भोजन किया। 

Twisha Case: Giribala and Samarth spent their first night in jail eating Kadhi and Roti news in hindi
गिरिबाला सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

राजधानी भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में दहेज हत्या के आरोप में केंद्रीय जेल में बंद त्विषा की सास, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा पूर्व जिला उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र अधिवक्ता समर्थ सिंह की पहली रात जेल में आम विचाराधीन बंदियों की तरह बीती। दोनों को जेल नियमों के तहत सामान्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं और किसी प्रकार की विशेष व्यवस्था नहीं की गई।

मंगलवार शाम सीबीआई ने कड़ी सुरक्षा के बीच मां-बेटे को केंद्रीय जेल पहुंचाया था। जेल प्रशासन ने गिरिबाला सिंह को विचाराधीन बंदी क्रमांक 71 आवंटित कर महिला वार्ड के ए-खंड में रखा है। सुरक्षा कारणों से उन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं समर्थ सिंह को विचाराधीन बंदी क्रमांक 1782 देकर पुरुष मेडिकल वार्ड में रखा गया है।

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रात में कढ़ी-रोटी, सुबह दलिया और दोपहर में करेला-दाल
जेल सूत्रों के अनुसार, प्रवेश के बाद दोनों को रात के भोजन में पकौड़े वाली कढ़ी, रोटी और सब्जी दी गई। जेल प्रशासन ने नियमानुसार उन्हें थाली, कटोरी और गिलास उपलब्ध कराया। बुधवार सुबह चाय के साथ नाश्ते में नमकीन दलिया परोसा गया। दोपहर के भोजन में करेला की सब्जी, चने की दाल, रोटी और चावल दिए गए। जेल अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल दोनों को किसी विशेष वार्ड में नहीं भेजा गया है और वे अन्य विचाराधीन बंदियों की तरह सामान्य प्रक्रिया के तहत रह रहे हैं।

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डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी
जेल प्रशासन प्रतिदिन बंदियों की गिनती और उपस्थिति दर्ज करता है। प्रदेश की जेलों में लागू ई-प्रेजेंट सिस्टम के माध्यम से बंदियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाता है। इसमें मेडिकल रिकॉर्ड, अपराध की धाराएं, न्यायिक स्थिति और जेल से संबंधित अन्य जानकारियां शामिल रहती हैं। जल्द ही गिरिबाला और समर्थ का रिकॉर्ड भी इस प्रणाली में अपडेट किया जाएगा। यदि कोई विचाराधीन बंदी नियमों के तहत किसी सुविधा की मांग करता है और उसे मंजूरी मिलती है, तो उसका उल्लेख भी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।

सीबीआई की जांच जारी, जेल में उपन्यास पढ़ते दिखे समर्थ
त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। एजेंसी अब तक जुटाए गए साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है। इसी बीच बुधवार को जेल में बंद समर्थ सिंह को ‘द प्रेग्नेंट किंग’ उपन्यास पढ़ते हुए देखा गया। यह उपन्यास पौराणिक पात्र राजा युवनाश्व की कथा पर आधारित है, जिसमें संतान प्राप्ति की इच्छा, एक विशेष औषधि और उसके बाद घटित असाधारण घटनाओं का वर्णन किया गया है।

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