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इंदौर के पानी पर सियासी संग्राम: 98% दूषित पानी के दावे से मचा बवाल, निगम ने खरीदी 42 लाख की हाईटेक जांच मशीन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Sabahat Husain Updated Wed, 03 Jun 2026 07:16 PM IST
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सार

इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति के आरोपों के बीच नगर निगम ने जल गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए 42.54 लाख रुपये की लागत से आधुनिक माइक्रोबायोलॉजी मशीन खरीदने का फैसला किया है। इससे हर महीने करीब 2,000 पानी के नमूनों की जांच हो सकेगी।

Political Battle Over Indore Water Uproar Erupts Over Claims of 98% Contamination news in hindi
हाईटेक लैब से होगी पेयजल की निगरानी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

इंदौर में स्वच्छ पेयजल की गुणवत्ता को लेकर सियासत गरमा गई है। हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एक रिपोर्ट जारी कर दावा किया था कि शहर में 98 प्रतिशत दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। उनके अनुसार कांग्रेस ने 29 वार्डों में 200 से अधिक पानी के नमूनों की जांच कराई, जिसमें यह निष्कर्ष सामने आया।

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रिपोर्ट सामने आने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन क्षेत्रों का दौरा किया, जहां जल गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कई स्थानों पर जल आपूर्ति के दौरान मौके पर पहुंचकर पानी की गुणवत्ता का निरीक्षण किया और स्वयं पानी पीकर उसकी जांच का दावा किया। इस बीच नगर निगम ने जल गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच को और मजबूत बनाने के लिए जल परीक्षण प्रयोगशाला में माइक्रोबायोलॉजी जांच हेतु अत्याधुनिक मशीन खरीदने का निर्णय लिया है।

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नई मशीन एंजाइम-आधारित कोलीफॉर्म परीक्षण तकनीक के माध्यम से कुल कोलीफॉर्म, ई-कोलाई और मलजनित कोलीफॉर्म जीवाणुओं की जांच करेगी। मशीन स्थापित होने के बाद नगर निगम की जल परीक्षण क्षमता बढ़कर करीब 2,000 नमूने प्रतिमाह हो जाएगी, जिससे जांच प्रक्रिया अधिक तेज, सटीक और वैज्ञानिक बनेगी। नगर निगम इस व्यवस्था पर लगभग 42.54 लाख रुपये खर्च करेगा। नई मशीन के जरिए रोजाना जल गुणवत्ता की जांच की जा सकेगी, जिससे शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।

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