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Army officer Ramesh Kumar, who returned to his village after 40 years of service, was given a grand welcome
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रेवाड़ी: 40 वर्षों की सेवा के बाद गांव लौटे सैन्य अधिकारी रमेश कुमार का हुआ भव्य स्वागत
भारतीय सेना में लगभग 40 वर्षों की गौरवशाली सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्त होकर अपने पैतृक गांव बिठवाना पहुंचे सैन्य अधिकारी रमेश कुमार का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया। फूल-मालाओं, पगड़ी और ढोल-नगाड़ों के साथ हुए अभिनंदन समारोह में पूरे गांव ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
रमेश कुमार वर्ष 1987 में भारतीय सेना में जवान के रूप में भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के दम पर उन्होंने लगातार प्रगति की और वर्ष 2003 में देहरादून से कमीशन प्राप्त कर सेना में अधिकारी बने। इसके बाद उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए करीब चार दशक तक देश की सेवा की। सेवानिवृत्ति के बाद जब वह अपने गांव के लिए रवाना हुए तो रेवाड़ी से बिठवाना तक उनके स्वागत के लिए विशेष काफिले का आयोजन किया गया। देशभक्ति गीतों की धुन पर सैकड़ों वाहन उनके साथ गांव तक पहुंचे। रास्ते में कई स्थानों पर लोगों ने उनका स्वागत कर सम्मान व्यक्त किया। गांव पहुंचने पर रमेश कुमार ने सबसे पहले गांव के शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। समारोह में युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने पगड़ी पहनाकर और फूल-मालाओं से उनका सम्मान किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने कहा कि रमेश कुमार ने अपना जीवन देश की रक्षा के लिए समर्पित किया है, जिस पर पूरे क्षेत्र को गर्व है। स्वागत से अभिभूत रमेश कुमार ने ग्रामीणों का धन्यवाद करते हुए कहा कि सेना में बिताए गए वर्ष उनके जीवन के सबसे गौरवपूर्ण पल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र सेवा की भावना को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार भी देश सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। उनका बड़ा पुत्र भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत है, जबकि छोटा पुत्र अपना व्यवसाय संभाल रहा है।
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