बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के पास बुधवार देर रात भीषण आग लगने से पांच अस्थायी दुकानें जलकर राख हो गईं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें करीब दो किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रही थीं। इस अग्निकांड में फल और कॉस्मेटिक की दुकानों सहित पांच दुकानों का सामान पूरी तरह जल गया, जिससे दुकानदारों को 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
कॉस्मेटिक दुकान से उठीं आग की पहली लपटें
स्थानीय लोगों के अनुसार, सबसे पहले एक कॉस्मेटिक दुकान से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकानों की छत खपड़ैल होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पूरा क्षेत्र आग की लपटों से घिर गया।
लोगों ने खुद किया आग बुझाने का प्रयास
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। हालांकि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि मौजूद लोग स्थिति पर काबू नहीं पा सके। सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की टीम भी तत्काल मौके पर पहुंची और आग बुझाने के प्रयास में जुट गई, लेकिन तब तक पांचों दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं।
15 से 20 मिनट में पांचों दुकानों को चपेट में ले लिया आग ने
दुकानदार उमाशंकर ने बताया कि उनकी फल की दुकान थी, जिसमें आग लगने से करीब ढाई से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आग इतनी तेजी से फैली कि मात्र 10 मिनट के भीतर उनकी पूरी दुकान जलने लगी। उन्हें सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। करीब 15 से 20 मिनट के अंदर सभी पांच दुकानों में आग फैल गई और वे धू-धूकर जलने लगीं।
समय पर पानी मिलता तो बच सकती थीं दुकानें
दुकानदार नुसरत प्रवीण ने बताया कि रात करीब 12 बजे हल्की आग की लपटें दिखाई दी थीं। आग बुझाने के लिए आसपास के घरों से पानी मांगा गया, लेकिन किसी ने पानी उपलब्ध नहीं कराया। इसके कारण शुरुआती स्तर पर आग पर काबू नहीं पाया जा सका और धीरे-धीरे सभी दुकानों में आग फैल गई। उन्होंने बताया कि दुकानों के अंदर रखा सामान भी निकालने का मौका नहीं मिला।
दुकानों में नहीं थी बिजली की व्यवस्था
नुसरत प्रवीण ने बताया कि इन अस्थायी दुकानों में बिजली की कोई व्यवस्था नहीं थी और सभी दुकानदार जनरेटर का उपयोग करते थे। उनका आरोप है कि पास के घरों के लोगों ने न तो मोटर का पानी चलाया और न ही चापाकल से पानी दिया। यदि समय रहते पानी मिल जाता तो आग को शुरुआती चरण में ही बुझाया जा सकता था और इतना बड़ा नुकसान नहीं होता।
नुकसान का आकलन शुरू
घटना के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।