{"_id":"6a664c76f19f1ed4f701cd57","slug":"lawyers-sit-in-protest-demanding-the-sdms-transfer-continues-rewari-news-c-198-1-rew1001-242565-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर वकीलों का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर वकीलों का धरना जारी
Sun, 26 Jul 2026 11:35 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। एसडीएम सुरेश कुमार के तबादले की मांग को लेकर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। अधिवक्ताओं ने सोमवार से दोबारा धरना शुरू करने और सभी न्यायिक कार्यों से दूर रहने का निर्णय लिया है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से एसडीएम कार्यालय से जुड़े मामलों को लेकर वकीलों में रोष है। कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र ने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
सोमवार से शुरू होने वाले धरने में जिला बार के सभी अधिवक्ता शामिल होंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है, जिससे अदालतों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
बार पदाधिकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की है।
वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर धरने पर बैठे जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं से विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने आंदोलन समाप्त करने की अपील की है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि विवादित एसडीएम अब दोबारा इस पद पर कार्यभार नहीं संभालेंगे और उनकी जगह नए एसडीएम की नियुक्ति की जाएगी।
विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि वह अधिवक्ताओं की सभी मांगों से पूरी तरह अवगत हैं और इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि 3 जून को ही एसडीएम के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री को ट्रांसफर नोट दिया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर भी इस संबंध में मांग रखी गई।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया में एसडीएम की ड्यूटी लगी होने के कारण चुनाव आयोग की अनुमति के बिना तत्काल तबादला संभव नहीं है।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं का कहना है कि लंबे समय से एसडीएम कार्यालय से जुड़े मामलों को लेकर वकीलों में रोष है। कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र ने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
विज्ञापन
सोमवार से शुरू होने वाले धरने में जिला बार के सभी अधिवक्ता शामिल होंगे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है, जिससे अदालतों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
विज्ञापन
बार पदाधिकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अधिवक्ताओं के सम्मान और न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग को लेकर है। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की अपील की है।
वहीं, प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
एसडीएम के तबादले की मांग को लेकर धरने पर बैठे जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं से विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने आंदोलन समाप्त करने की अपील की है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि विवादित एसडीएम अब दोबारा इस पद पर कार्यभार नहीं संभालेंगे और उनकी जगह नए एसडीएम की नियुक्ति की जाएगी।
विधायक लक्ष्मण यादव ने कहा कि वह अधिवक्ताओं की सभी मांगों से पूरी तरह अवगत हैं और इस मामले को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने बताया कि 3 जून को ही एसडीएम के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री को ट्रांसफर नोट दिया गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर भी इस संबंध में मांग रखी गई।
उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया में एसडीएम की ड्यूटी लगी होने के कारण चुनाव आयोग की अनुमति के बिना तत्काल तबादला संभव नहीं है।