{"_id":"6a664f6c5c4fc534cd08489f","slug":"prof-ramesh-chandra-sharmas-elder-brother-madan-mohan-passes-away-rewari-news-c-198-1-rew1001-242538-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: प्रो. रमेशचंद्र शर्मा के बड़े भाई मदनमोहन का निधन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: प्रो. रमेशचंद्र शर्मा के बड़े भाई मदनमोहन का निधन
Sun, 26 Jul 2026 11:48 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
मदनमोहन शर्मा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेवाड़ी। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांतीय कार्यकारी अध्यक्ष व साहित्यकार प्रो. रमेशचंद्र शर्मा के बड़े भाई मदनमोहन शर्मा का निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार सोलह राही श्मशान घाट पर किया गया, जहां शहर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
परिषद के महामंत्री गोपाल ने बताया कि मूल रूप से बावल उपमंडल के गांव तिहाड़ा निवासी मदनमोहन शर्मा स्थानीय मनचंदा सोसाइटी में रह रहे थे। वे प्रखर शिक्षाविद् थे और हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत तथा उर्दू भाषाओं पर उनका समान अधिकार था।
उनके निधन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांतीय पदाधिकारियों, जिला इकाई तथा साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद, राष्ट्रीय कवि संगम, बंजारा सांस्कृतिक संस्था सहित साहित्यकारों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन
परिषद के महामंत्री गोपाल ने बताया कि मूल रूप से बावल उपमंडल के गांव तिहाड़ा निवासी मदनमोहन शर्मा स्थानीय मनचंदा सोसाइटी में रह रहे थे। वे प्रखर शिक्षाविद् थे और हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत तथा उर्दू भाषाओं पर उनका समान अधिकार था।
विज्ञापन
उनके निधन पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रांतीय पदाधिकारियों, जिला इकाई तथा साहित्य एवं संस्कृति से जुड़े विभिन्न संगठनों ने शोक व्यक्त किया है। बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद, राष्ट्रीय कवि संगम, बंजारा सांस्कृतिक संस्था सहित साहित्यकारों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
विज्ञापन