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Rewari News: किसानों की उम्मीदों को बहा ले गई बारिश
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:58 PM IST
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लाल सिंह, किसान
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कोसली। क्षेत्र में सोमवार शाम से चली तेज हवा और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हाल ही में बोई गई बाजरा और ग्वार की फसल अंकुरित होने से पहले ही खराब हो गई। किसानों का कहना है कि बारिश इतनी तेज थी कि खेतों में डाला गया बीज बह गया। इससे काफी नुकसान पहुंचा है। अब दोबारा बुवाई और जुताई का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ेगा।
क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद किसानों ने करीब 10 हजार एकड़ भूमि में बाजरा और ग्वार की बुवाई की थी। किसानों को उम्मीद थी कि समय पर हुई वर्षा से फसल अच्छी होगी लेकिन सोमवार की तेज बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बीज अंकुरित होने से पहले ही खेतों में खराब हो गया जिससे हजारों किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
किसानों के अनुसार एक एकड़ भूमि की तैयारी, खाद, बीज और बुवाई-जुताई पर करीब पांच हजार रुपये लागत आती है। अब फसल खराब होने के बाद किसानों को दोबारा खेत तैयार कर बुवाई करनी पड़ेगी। इससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में खाद की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बनी हुई है जिससे दोबारा बुवाई करना और मुश्किल हो गया है।
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इंसेट
खाद की किल्लत ने बढ़ाई चिंता
किसानों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से डीएपी और अन्य खाद की व्यवस्था कर बुवाई की गई थी। अब फसल खराब होने के बाद दोबारा खाद की जरूरत पड़ेगी लेकिन बाजार में खाद की कमी बनी हुई है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक और तकनीकी दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
क्षेत्र के किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई बिना सरकारी सहायता के संभव नहीं है।
इंसेट
आज ज्ञापन सौंपेंगी किसान यूनियन
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला प्रधान समय सिंह, कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गैरा और रेवाड़ी युवा महिला प्रधान सुजाता काठूवास ने बताया कि कोसली क्षेत्र में आंधी के साथ हुई बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। किसानों को इसका मुआवजा मिलना चाहिए। इसे लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के सभी कार्यकर्ता डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
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क्या कहते हैं किसान
तीन-चार दिन पहले ही बाजरा और ग्वार की बुवाई की गई थी। सोमवार की रात में तेज हवा और बारिश के कारण पूरा बीज खराब हो गया। फिलहाल नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।- सूरत सिंह, किसान
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बारिश से किसानों को प्रति एकड़ पांच से छह हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि फसल उगने से पहले ही खराब हो गई। इसलिए सरकार को किसानों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए।-लाल सिंह, किसान
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खाद और बीज की व्यवस्था कर चार दिन पहले बुवाई की थी लेकिन बारिश ने सारी मेहनत बेकार कर दी। अब दोबारा खाद मिलना मुश्किल हो गया है और बिना पर्याप्त खाद के अच्छी पैदावार की उम्मीद नहीं की जा सकती।- मनोज कुमार, किसान
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बारिश के कारण किसानों को प्रति एकड़ चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हुआ है। फसल खराब होने के साथ-साथ खाद की कमी ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। - करतार सिंह, किसान
क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद किसानों ने करीब 10 हजार एकड़ भूमि में बाजरा और ग्वार की बुवाई की थी। किसानों को उम्मीद थी कि समय पर हुई वर्षा से फसल अच्छी होगी लेकिन सोमवार की तेज बारिश ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बीज अंकुरित होने से पहले ही खेतों में खराब हो गया जिससे हजारों किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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किसानों के अनुसार एक एकड़ भूमि की तैयारी, खाद, बीज और बुवाई-जुताई पर करीब पांच हजार रुपये लागत आती है। अब फसल खराब होने के बाद किसानों को दोबारा खेत तैयार कर बुवाई करनी पड़ेगी। इससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी। किसानों का कहना है कि वर्तमान समय में खाद की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बनी हुई है जिससे दोबारा बुवाई करना और मुश्किल हो गया है।
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खाद की किल्लत ने बढ़ाई चिंता
किसानों का कहना है कि बड़ी मुश्किल से डीएपी और अन्य खाद की व्यवस्था कर बुवाई की गई थी। अब फसल खराब होने के बाद दोबारा खाद की जरूरत पड़ेगी लेकिन बाजार में खाद की कमी बनी हुई है। ऐसे में किसानों के सामने आर्थिक और तकनीकी दोनों तरह की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
क्षेत्र के किसानों ने सरकार से फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण हुए इस नुकसान की भरपाई बिना सरकारी सहायता के संभव नहीं है।
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आज ज्ञापन सौंपेंगी किसान यूनियन
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिला प्रधान समय सिंह, कार्यकारी प्रधान राजेंद्र कुमार गैरा और रेवाड़ी युवा महिला प्रधान सुजाता काठूवास ने बताया कि कोसली क्षेत्र में आंधी के साथ हुई बारिश से किसानों का काफी नुकसान हुआ है। किसानों को इसका मुआवजा मिलना चाहिए। इसे लेकर बुधवार को भारतीय किसान यूनियन चढूनी के सभी कार्यकर्ता डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
क्या कहते हैं किसान
तीन-चार दिन पहले ही बाजरा और ग्वार की बुवाई की गई थी। सोमवार की रात में तेज हवा और बारिश के कारण पूरा बीज खराब हो गया। फिलहाल नुकसान की भरपाई का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है।- सूरत सिंह, किसान
बारिश से किसानों को प्रति एकड़ पांच से छह हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि फसल उगने से पहले ही खराब हो गई। इसलिए सरकार को किसानों को आर्थिक सहायता देनी चाहिए।-लाल सिंह, किसान
खाद और बीज की व्यवस्था कर चार दिन पहले बुवाई की थी लेकिन बारिश ने सारी मेहनत बेकार कर दी। अब दोबारा खाद मिलना मुश्किल हो गया है और बिना पर्याप्त खाद के अच्छी पैदावार की उम्मीद नहीं की जा सकती।- मनोज कुमार, किसान
बारिश के कारण किसानों को प्रति एकड़ चार से पांच हजार रुपये का नुकसान हुआ है। फसल खराब होने के साथ-साथ खाद की कमी ने भी किसानों की चिंता बढ़ा दी है। - करतार सिंह, किसान

लाल सिंह, किसान

लाल सिंह, किसान

लाल सिंह, किसान