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Rewari News: सराय काले खां से बावल तक चलेगी रैपिड रेल
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:07 AM IST
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रेवाड़ी। धारूहेड़ा का औद्योगिक क्षेत्र। संवाद
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रेवाड़ी। दिल्ली के सराय काले खां से बावल तक नमो भारत आरआरटीएस (रैपिड रेल) परियोजना पर कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। इस बात के संकेत केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से दिया है। उन्होंने कहा है कि सराय काले खां एक मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में उभरने वाला है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद करनाल, बावल और नीमराना के लिए रैपिड रेल पर काम शुरू हो जाएगा।
इस फैसले से क्षेत्र में जाम की गंभीर समस्या से राहत मिलेगी। धारूहेड़ा और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी तेज हो जाएगी। प्रस्तावित रूट पर दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर 10 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। यह परियोजना दिल्ली–अलवर नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण का हिस्सा होगी।
वर्तमान में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी के बीच यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रैपिड रेल के संचालन से सड़क यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि परियोजना की डीपीआर बनाई जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
इंसेट
क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा नया प्रोत्साहन
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान रखते हैं। यहां 300 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां हैं। इनसे 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। दिल्ली से बावल की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है जिसमें करीब 22 किलोमीटर दिल्ली और शेष हिस्सा हरियाणा में पड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने से यात्रियों का समय बचेगा आवाजाही सुगम होगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर नीमराना और बावल, को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
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बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी
सराय काले खां पहले से ही रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन का प्रमुख केंद्र है। अब इसे एकीकृत परिवहन हब के रूप में विकसित किया जाएगा जहां रेल, मेट्रो, बस और रैपिड रेल सेवा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। इससे रोजाना नौकरी या व्यवसाय के लिए आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
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रोजाना 7 से 8 हजार लोग दिल्ली का करते हैं सफर
अभी रेवाड़ी से दिल्ली के लिए रोजाना 7 से 8 हजार लोग सफर करते हैं। इसमें 5 से 6 हजार लोग नियमित सफर तय करते हैं जोकि नौकरी पेशा वाले हैं। रेवाड़ी बस स्टैंड से दिल्ली बॉर्डर तक का सफर करीब डेढ़ से 2 घंटे में पूरा होता है। ट्रेन के माध्यम से पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली तक का सफर 2 से ढाई घंटे में पूरा होता है। हालांकि सुपरफास्ट ट्रेन एक से डेढ़ घंटा लगाती है।
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इस फैसले से क्षेत्र में जाम की गंभीर समस्या से राहत मिलेगी। धारूहेड़ा और बावल जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी तेज हो जाएगी। प्रस्तावित रूट पर दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर 10 मिनट में पूरा होने का अनुमान है। यह परियोजना दिल्ली–अलवर नमो भारत कॉरिडोर के पहले चरण का हिस्सा होगी।
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वर्तमान में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी के बीच यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है और दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। रैपिड रेल के संचालन से सड़क यातायात का दबाव काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। बताया जाता है कि परियोजना की डीपीआर बनाई जा चुकी है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
इंसेट
क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा नया प्रोत्साहन
दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी पहचान रखते हैं। यहां 300 से अधिक छोटी-बड़ी कंपनियां हैं। इनसे 50 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। दिल्ली से बावल की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है जिसमें करीब 22 किलोमीटर दिल्ली और शेष हिस्सा हरियाणा में पड़ता है। इस परियोजना के पूरा होने से यात्रियों का समय बचेगा आवाजाही सुगम होगी और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर नीमराना और बावल, को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी
सराय काले खां पहले से ही रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी बस अड्डा और मेट्रो स्टेशन का प्रमुख केंद्र है। अब इसे एकीकृत परिवहन हब के रूप में विकसित किया जाएगा जहां रेल, मेट्रो, बस और रैपिड रेल सेवा एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे यात्रियों को बार-बार वाहन बदलने की परेशानी से राहत मिलेगी और समय की बचत होगी। इससे रोजाना नौकरी या व्यवसाय के लिए आवागमन करने वाले हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
रोजाना 7 से 8 हजार लोग दिल्ली का करते हैं सफर
अभी रेवाड़ी से दिल्ली के लिए रोजाना 7 से 8 हजार लोग सफर करते हैं। इसमें 5 से 6 हजार लोग नियमित सफर तय करते हैं जोकि नौकरी पेशा वाले हैं। रेवाड़ी बस स्टैंड से दिल्ली बॉर्डर तक का सफर करीब डेढ़ से 2 घंटे में पूरा होता है। ट्रेन के माध्यम से पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली तक का सफर 2 से ढाई घंटे में पूरा होता है। हालांकि सुपरफास्ट ट्रेन एक से डेढ़ घंटा लगाती है।