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Rewari News: रिपोर्ट कार्ड में अब बच्चों की होगी पूरी कहानी, समग्र प्रगति रिपोर्ट भरना अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:12 AM IST
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रेवाड़ी। अब प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों का मूल्यांकन केवल अंकों तक सीमित नहीं रहेगा। हरियाणा शिक्षा विभाग ने कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए समग्र प्रगति रिपोर्ट भरने के निर्देश जारी किए हैं।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 की समाप्ति से पहले सभी विद्यालयों में इसे पूरा करना होगा। शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी पत्र में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों के स्कूलों तक नई गाइडलाइन पहुंचाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
समग्र प्रगति रिपोर्ट में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि के साथ उनकी रुचि, व्यवहार, रचनात्मकता, सामाजिक सहभागिता, जीवन कौशल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इससे बच्चे की वास्तविक क्षमता सामने आएगी और शिक्षकों को उसकी ताकत और कमजोरी समझने में मदद मिलेगी।
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अभिभावक बैठक आयोजित कर बच्चों की प्रगति साझा की जाएगी। जिला स्तर पर भी समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा और शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
इंसेट
शिक्षकों को पहले दी जाएगी ट्रेनिंग
सबसे पहले शिक्षकों को गाइड लाइन समझाई जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावहारिक और सह पाठ्यक्रम प्रदर्शन का डेटा संकलित किया जाएगा। कक्षा शिक्षक द्वारा समग्र प्रगति रिपोर्ट सावधानीपूर्वक भरने के बाद प्रधानाध्यापक से उसका सत्यापन कराया जाएगा।
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वर्जन :
निदेशालय की ओर से समग्र प्रगति रिपोर्ट भरने के नए निर्देश मिले हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की समाप्ति से पहले सभी विद्यालयों में समग्र प्रगति रिपोर्ट भरना अनिवार्य किया गया है।- चरण सिंह, जिला समन्वयक, एफएलएन ।
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शैक्षणिक सत्र 2025-26 की समाप्ति से पहले सभी विद्यालयों में इसे पूरा करना होगा। शिक्षा निदेशालय की तरफ से जारी पत्र में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिलों के स्कूलों तक नई गाइडलाइन पहुंचाएं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
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समग्र प्रगति रिपोर्ट में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि के साथ उनकी रुचि, व्यवहार, रचनात्मकता, सामाजिक सहभागिता, जीवन कौशल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भागीदारी का भी मूल्यांकन किया जाएगा। इससे बच्चे की वास्तविक क्षमता सामने आएगी और शिक्षकों को उसकी ताकत और कमजोरी समझने में मदद मिलेगी।
प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अभिभावक बैठक आयोजित कर बच्चों की प्रगति साझा की जाएगी। जिला स्तर पर भी समय सीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया के अनुपालन को सुनिश्चित किया जाएगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा और शिक्षण व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
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शिक्षकों को पहले दी जाएगी ट्रेनिंग
सबसे पहले शिक्षकों को गाइड लाइन समझाई जाएगी। इसके बाद विद्यार्थियों के शैक्षणिक, व्यावहारिक और सह पाठ्यक्रम प्रदर्शन का डेटा संकलित किया जाएगा। कक्षा शिक्षक द्वारा समग्र प्रगति रिपोर्ट सावधानीपूर्वक भरने के बाद प्रधानाध्यापक से उसका सत्यापन कराया जाएगा।
वर्जन :
निदेशालय की ओर से समग्र प्रगति रिपोर्ट भरने के नए निर्देश मिले हैं। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की समाप्ति से पहले सभी विद्यालयों में समग्र प्रगति रिपोर्ट भरना अनिवार्य किया गया है।- चरण सिंह, जिला समन्वयक, एफएलएन ।