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Rewari News: सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों को राहत, ऑफलाइन पास की सुविधा छह माह बढ़ी
Mon, 03 Aug 2026 12:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 03 Aug 2026 12:15 AM IST
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रेवाड़ी। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन (एनएफआईआर) की रेवाड़ी शाखा ने सेवानिवृत्त रेल कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों को मिलने वाले पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लिमेंटरी पास और विधवा पास की ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर राहत मिलने पर आभार जताया है।
रेलवे बोर्ड ने 31 जुलाई के पत्र के माध्यम से इन पासों की ऑफलाइन सुविधा को छह माह के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। एनएफआईआर शाखा लंबे समय से रेलवे मंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मांग कर रही थी कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों को ऑनलाइन प्रक्रिया से होने वाली परेशानियों को देखते हुए ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखी जाए।
संगठन का कहना था कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर एंड्रॉयड फोन और ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या भी बनी रहती है।
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जोनल अध्यक्ष केके सक्सेना ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया में एचआरएमएस और आईआरसीटीसी से जुड़ी जानकारी की आवश्यकता होती है, जिससे कई पेंशनरों को परेशानी होती है। साथ ही निजी एजेंसियों के माध्यम से प्रक्रिया कराने पर अतिरिक्त खर्च और ओटीपी से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं भी रहती हैं। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी।
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रेलवे बोर्ड ने 31 जुलाई के पत्र के माध्यम से इन पासों की ऑफलाइन सुविधा को छह माह के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। एनएफआईआर शाखा लंबे समय से रेलवे मंत्री और रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मांग कर रही थी कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों को ऑनलाइन प्रक्रिया से होने वाली परेशानियों को देखते हुए ऑफलाइन व्यवस्था जारी रखी जाए।
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संगठन का कहना था कि बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर एंड्रॉयड फोन और ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या भी बनी रहती है।
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जोनल अध्यक्ष केके सक्सेना ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया में एचआरएमएस और आईआरसीटीसी से जुड़ी जानकारी की आवश्यकता होती है, जिससे कई पेंशनरों को परेशानी होती है। साथ ही निजी एजेंसियों के माध्यम से प्रक्रिया कराने पर अतिरिक्त खर्च और ओटीपी से जुड़ी सुरक्षा चिंताएं भी रहती हैं। रेलवे बोर्ड के इस निर्णय से हजारों सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पारिवारिक पेंशनरों को बड़ी राहत मिलेगी।