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Rewari News: प्रत्येक घर पर लगेगा स्कैनर, कूड़ा उठान की होगी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 16 Feb 2026 12:10 AM IST
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अनाज मंडी मार्ग के पास पड़ा कूड़ा। संवाद
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रेवाड़ी। नगर परिषद की ओर से घर-घर से कूड़ा उठाने का ठेका एजेंसी को दे दिया है। इसके बाद भी सफाई व्यवस्था में कोई खास सुधार नजर नहीं आया है। शहर के प्रमुख मार्गों पर कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। वहीं, कूड़ा उठान की निगरानी के लिए प्रत्येक घर पर स्कैनर लगाने का निर्णय लिया गया है।
शहर में सफाई के लिए 23.5 करोड़ में 5 साल तक घर-घर कूड़ा उठाने का टेंडर दिया गया है। पहले शहर में 31 वार्ड थे जो अब 32 हो जाएंगे। शहर में 65 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं।
ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने की निगरानी के लिए प्रत्येक घर पर स्कैनर लगाए जाएंगे। इससे यह पता लगेगा कि गाड़ी संबंधित मुहल्ले में गई थी या नहीं।
एजेंसी कचरा कलेक्शन कर दिल्ली-जयपुर एनएच-48 स्थित रामसिंहपुरा डंपिंग साइट पर पहुंचाएगी। वहां कचरे का निस्तारण किया जाएगा।
तमान प्रयासों के बाद भी शहर के बावल रोड, सर्कुलर रोड, भाड़ावास रोड, दिल्ली रोड, अनाज मंडी मार्ग के आसपास कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं।
नगर परिषद ने हाल ही में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 50 लाख रुपये की लागत से डस्टबिन और रेहड़ियां खरीदी हैं। डस्टबिन का इस्तेमाल अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
डस्टबिन ना होने के कारण लोग अपने घरों और दुकानों के आसपास कूड़ा फेंकने लगे हैं, जिससे गंदगी पनप रही है। ऐसे में तमाम प्रयास के बाद भी स्थिति में कुछ खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन की टीम अभी जिले में नहीं आई है। ऐसे में नगर परिषद के पास भी मौका है कि समय रहते व्यवस्था सुधार लिया जाए। हालांकि, जमीनी स्तर पर प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। शहर से हर दिन 120 टन से अधिक कचरा निकलता है।
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नियमित होनी चाहिए सफाई
सेक्टर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि नगर परिषद को नियमित सफाई करानी चाहिए । जगह-जगह डस्टबिन रखे जाने चाहिए ताकि कूड़ा नहीं बिखरे। भाड़ावास मार्ग निवासी राजीव यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर उन्हें जिम्मेदारी देना आवश्यक है, ताकि शहर के सभी मुख्य मार्गों और गली-मोहल्लों में समय पर सफाई हो सके। अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते रहे, तो यह न केवल शहर की छवि को प्रभावित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करेगा।
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लापरवाही की गुंजाइश खत्म होगी खत्म
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार नई एजेंसी को शहर के सभी घरों में आरएफआईडी टैग (स्कैनर) इंस्टॉल करने के लिए 2 महीने का समय दिया गया है। एक बार सभी घरों में यह सिस्टम लग जाने के बाद, लापरवाही की गुंजाइश खत्म हो जाएगी क्योंकि सॉफ्टवेयर सीधे तौर पर बता देगा कि किस इलाके में गाड़ी नहीं पहुंची है।
वर्जन
अभी नई एजेंसी कूड़ा उठान के लिए आई है। शहर की सफाई व्यवस्था में जल्द ही सुधार नजर आएगा। जो डस्टबिन खरीदे गए हैं। वह भी जल्द जगह-जगह पर रखवाए जाएंगे।-प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन।
वर्जन
शहर से हर दिन 120 टन से अधिक कचरा निकलता है। आरएफआईडी तकनीक से हमें हर घर की रिपोर्ट मिलेगी और उसी के आधार पर एजेंसी का भुगतान तय होगा।- अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन, नगर परिषद।
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शहर में सफाई के लिए 23.5 करोड़ में 5 साल तक घर-घर कूड़ा उठाने का टेंडर दिया गया है। पहले शहर में 31 वार्ड थे जो अब 32 हो जाएंगे। शहर में 65 हजार प्रॉपर्टी आईडी हैं।
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ऐसे में घर-घर से कूड़ा उठाने की निगरानी के लिए प्रत्येक घर पर स्कैनर लगाए जाएंगे। इससे यह पता लगेगा कि गाड़ी संबंधित मुहल्ले में गई थी या नहीं।
एजेंसी कचरा कलेक्शन कर दिल्ली-जयपुर एनएच-48 स्थित रामसिंहपुरा डंपिंग साइट पर पहुंचाएगी। वहां कचरे का निस्तारण किया जाएगा।
तमान प्रयासों के बाद भी शहर के बावल रोड, सर्कुलर रोड, भाड़ावास रोड, दिल्ली रोड, अनाज मंडी मार्ग के आसपास कूड़े के ढेर दिखाई देते हैं।
नगर परिषद ने हाल ही में सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए 50 लाख रुपये की लागत से डस्टबिन और रेहड़ियां खरीदी हैं। डस्टबिन का इस्तेमाल अभी तक शुरू नहीं किया गया है।
डस्टबिन ना होने के कारण लोग अपने घरों और दुकानों के आसपास कूड़ा फेंकने लगे हैं, जिससे गंदगी पनप रही है। ऐसे में तमाम प्रयास के बाद भी स्थिति में कुछ खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन की टीम अभी जिले में नहीं आई है। ऐसे में नगर परिषद के पास भी मौका है कि समय रहते व्यवस्था सुधार लिया जाए। हालांकि, जमीनी स्तर पर प्रयास नजर नहीं आ रहे हैं। शहर से हर दिन 120 टन से अधिक कचरा निकलता है।
नियमित होनी चाहिए सफाई
सेक्टर निवासी विनोद कुमार ने बताया कि नगर परिषद को नियमित सफाई करानी चाहिए । जगह-जगह डस्टबिन रखे जाने चाहिए ताकि कूड़ा नहीं बिखरे। भाड़ावास मार्ग निवासी राजीव यादव ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर उन्हें जिम्मेदारी देना आवश्यक है, ताकि शहर के सभी मुख्य मार्गों और गली-मोहल्लों में समय पर सफाई हो सके। अगर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और कूड़े के ढेर लगातार बढ़ते रहे, तो यह न केवल शहर की छवि को प्रभावित करेगा, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करेगा।
लापरवाही की गुंजाइश खत्म होगी खत्म
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार नई एजेंसी को शहर के सभी घरों में आरएफआईडी टैग (स्कैनर) इंस्टॉल करने के लिए 2 महीने का समय दिया गया है। एक बार सभी घरों में यह सिस्टम लग जाने के बाद, लापरवाही की गुंजाइश खत्म हो जाएगी क्योंकि सॉफ्टवेयर सीधे तौर पर बता देगा कि किस इलाके में गाड़ी नहीं पहुंची है।
वर्जन
अभी नई एजेंसी कूड़ा उठान के लिए आई है। शहर की सफाई व्यवस्था में जल्द ही सुधार नजर आएगा। जो डस्टबिन खरीदे गए हैं। वह भी जल्द जगह-जगह पर रखवाए जाएंगे।-प्रियंका यादव, ब्रांड एंबेसडर, स्वच्छ भारत मिशन।
वर्जन
शहर से हर दिन 120 टन से अधिक कचरा निकलता है। आरएफआईडी तकनीक से हमें हर घर की रिपोर्ट मिलेगी और उसी के आधार पर एजेंसी का भुगतान तय होगा।- अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन, नगर परिषद।

अनाज मंडी मार्ग के पास पड़ा कूड़ा। संवाद