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Rewari News: आकेड़ा गांव में गंदे पानी की निकासी की समस्या गंभीर, सीएम से हस्तक्षेप की मांग
Thu, 23 Jul 2026 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 23 Jul 2026 11:34 PM IST
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गांव आकेड़ा के रास्ते में भरा गंदा पानी। संवाद
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धारूहेड़ा। गांव आकेड़ा की विभिन्न कॉलोनियों में वर्षों से बनी जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है। ग्राम पंचायत ने अब सीधे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हस्तक्षेप करने की मांग की है। सरपंच अशोक कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर गांव में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था, नालियों के निर्माण और विकास कार्यों को मंजूरी देने का आग्रह किया है।
सरपंच ने बताया कि कॉलोनियों में गंदे पानी की निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं होने के कारण नालियों का पानी गलियों और सड़कों पर जमा रहता है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित होता है और आसपास गंदगी व दुर्गंध का माहौल बना रहता है।
जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
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कई गलियां तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है।
सरपंच अशोक कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर कई बार समस्या के समाधान का प्रयास किया लेकिन सीमित संसाधनों के कारण स्थायी समाधान संभव नहीं हो सका। इसलिए सरकार की ओर से व्यापक ड्रेनेज योजना लागू कर नालियों का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरियाणा विधानसभा सत्र में ग्राम पंचायत आकेड़ा में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द राहत मिलेगी लेकिन हालात आज भी पहले जैसे ही बने हुए हैं। ग्राम पंचायत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर गांव में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित कराई जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान हो सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।
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सरपंच ने बताया कि कॉलोनियों में गंदे पानी की निकासी का कोई स्थायी प्रबंध नहीं होने के कारण नालियों का पानी गलियों और सड़कों पर जमा रहता है। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित होता है और आसपास गंदगी व दुर्गंध का माहौल बना रहता है।
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जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना रहता है।उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
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कई गलियां तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए भी जलभराव से होकर गुजरना पड़ता है।
सरपंच अशोक कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायत ने अपने स्तर पर कई बार समस्या के समाधान का प्रयास किया लेकिन सीमित संसाधनों के कारण स्थायी समाधान संभव नहीं हो सका। इसलिए सरकार की ओर से व्यापक ड्रेनेज योजना लागू कर नालियों का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेवाड़ी के विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरियाणा विधानसभा सत्र में ग्राम पंचायत आकेड़ा में गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा में मामला उठने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि जल्द राहत मिलेगी लेकिन हालात आज भी पहले जैसे ही बने हुए हैं। ग्राम पंचायत ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जनहित को देखते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश जारी कर गांव में स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित कराई जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान हो सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।

गांव आकेड़ा के रास्ते में भरा गंदा पानी। संवाद