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Rewari News: अभी और इंतजार...सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण दो माह से ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 16 Jun 2026 11:30 PM IST
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राव तुलाराम स्टेडियम में रूका हुआ सिंथेटिक ट्रैक निर्माण कार्य। संवाद
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रेवाड़ी। राव तुलाराम स्टेडियम में 9.69 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण दो महीने से ठप पड़ा है। खेल विभाग ने निर्माण एजेंसी को भुगतान नहीं किया है जिससे एजेंसी ने काम रोक दिया है। ऐसे में खिलाड़ियों को ट्रैक के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।
सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण अप्रैल तक पूरा किया जाना था लेकिन भुगतान अटकने के चलते काम अधूरा रह गया। विभाग ने एजेंसी को कई बार आश्वासन दिया लेकिन भुगतान नहीं किया जिससे एजेंसी ने काम बंद कर दिया है। अब खेल विभाग ने निदेशालय को पत्र लिखकर भुगतान करने की मांग की है।
ट्रैक के लिए जमीन को समतल किया जा चुका है और कुछ हिस्सों में प्रारंभिक परत भी डाली गई है। इसके बाद सिंथेटिक लेयर और रबराइज्ड सतह बिछाई जानी है जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा मिल सके। काम रुकने से यह प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। ट्रैक के चारों ओर फ्लड लाइट लगाने की योजना है जिस पर 65 लाख रुपये खर्च होंगे। यह लाइट लगने के बाद खिलाड़ी रात में अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों के लिए स्टोर रूम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
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खेल अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही एजेंसी को भुगतान जारी होगा, निर्माण कार्य तुरंत दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उनका दावा है कि काम को जल्द पूरा कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक का करीब 50 प्रतिशत कार्य शेष है। भुगतान मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। खिलाड़ियों का कहना है कि सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में उन्हें अभ्यास के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से जल्द कार्य पूरा कराने की मांग की है, ताकि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें।
सरकार की तरफ से एजेंसी काे भुगतान किया जाना है। इसे लेकर उच्च निदेशालय को अवगत कराया जा चुका है। जैसे ही भुगतान होता है तो काम शुरू हो जाएगा। - मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।
सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण अप्रैल तक पूरा किया जाना था लेकिन भुगतान अटकने के चलते काम अधूरा रह गया। विभाग ने एजेंसी को कई बार आश्वासन दिया लेकिन भुगतान नहीं किया जिससे एजेंसी ने काम बंद कर दिया है। अब खेल विभाग ने निदेशालय को पत्र लिखकर भुगतान करने की मांग की है।
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ट्रैक के लिए जमीन को समतल किया जा चुका है और कुछ हिस्सों में प्रारंभिक परत भी डाली गई है। इसके बाद सिंथेटिक लेयर और रबराइज्ड सतह बिछाई जानी है जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा मिल सके। काम रुकने से यह प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। ट्रैक के चारों ओर फ्लड लाइट लगाने की योजना है जिस पर 65 लाख रुपये खर्च होंगे। यह लाइट लगने के बाद खिलाड़ी रात में अभ्यास कर सकेंगे। खिलाड़ियों के लिए स्टोर रूम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की योजना है।
खेल अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही एजेंसी को भुगतान जारी होगा, निर्माण कार्य तुरंत दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। उनका दावा है कि काम को जल्द पूरा कराने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार सिंथेटिक ट्रैक का करीब 50 प्रतिशत कार्य शेष है। भुगतान मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। खिलाड़ियों का कहना है कि सिंथेटिक ट्रैक के अभाव में उन्हें अभ्यास के लिए अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। इससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से जल्द कार्य पूरा कराने की मांग की है, ताकि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिल सकें।
सरकार की तरफ से एजेंसी काे भुगतान किया जाना है। इसे लेकर उच्च निदेशालय को अवगत कराया जा चुका है। जैसे ही भुगतान होता है तो काम शुरू हो जाएगा। - मनोज कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी।