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Rewari News: शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्र व सामाजिक संगठनों ने किया प्रदर्शन
Sat, 25 Jul 2026 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:34 PM IST
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मांगों को लेकर प्रदर्शन करते विभिन्न संगठन। स्रोत : संगठन
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रेवाड़ी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा की मांग को लेकर शनिवार को सामाजिक व छात्र संगठनों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपनी नाराजगी जताई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी महाशय मूलचंद ने की। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह और भगत सिंह सांभरिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कैलाश यादव और एडवोकेट राज कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई।
इसके बाद दिवंगत युवाओं की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया।
प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
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वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क से झज्जर चौक तक पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान रेवाड़ी प्रशासन द्वारा ज्ञापन लेने से इनकार करने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 20 जुलाई की घटना की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
एक वक्ता के बयान को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। सुभाष पार्क में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सादे कपड़ों में आते हैं। उनके चेहरे पर दाढ़ी होती है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी पिटाई कर दो।
कार्यक्रम में एडवोकेट राजेंद्र सिंह, मनोज यादव, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर सिंह, बुद्ध राम पंवार, सत्यवान, एडवोकेट अजय सिंह, हरिकिशन जाटव, कुलदीप यादव, सुमन कुमारी, रोहित वाल्मीकि, अमित कुमार मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी महाशय मूलचंद ने की। वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह और भगत सिंह सांभरिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम का संचालन कैलाश यादव और एडवोकेट राज कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर की गई।
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इसके बाद दिवंगत युवाओं की आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया।
प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
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वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं से युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि युवाओं के भविष्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस पार्क से झज्जर चौक तक पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी करते हुए शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया। इस दौरान रेवाड़ी प्रशासन द्वारा ज्ञापन लेने से इनकार करने पर प्रदर्शनकारियों ने नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी पत्र भेजकर मामले से अवगत कराया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि 20 जुलाई की घटना की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
एक वक्ता के बयान को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। सुभाष पार्क में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सादे कपड़ों में आते हैं। उनके चेहरे पर दाढ़ी होती है। ऐसे लोगों की पहचान कर उनकी पिटाई कर दो।
कार्यक्रम में एडवोकेट राजेंद्र सिंह, मनोज यादव, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी धर्मवीर सिंह, बुद्ध राम पंवार, सत्यवान, एडवोकेट अजय सिंह, हरिकिशन जाटव, कुलदीप यादव, सुमन कुमारी, रोहित वाल्मीकि, अमित कुमार मौजूद रहे।

मांगों को लेकर प्रदर्शन करते विभिन्न संगठन। स्रोत : संगठन