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Rewari News: घर की बगिया से समाज को हरियाली का संदेश दे रहीं सुनीता
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:41 PM IST
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सुनीता देवी
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रेवाड़ी। बढ़ते प्रदूषण और घटती हरियाली के बीच कई लोग अपने स्तर पर पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण कर रहे हैं। ऐसे लोगों में एक कंपनी बाग निवासी सुनीता देवी (65) ने अपने घर के आंगन में सुंदर बगिया तैयार कर न केवल अपने घर को हरा-भरा बनाया है बल्कि आसपास के लोगों को भी पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया है।
सुनीता 25 वर्षों से बगिया की देखभाल कर रही हैं। वह इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं। उन्होंने में गुलाब, गेंदा, गुड़हल समेत कई प्रकार के पौधे लगाए हैं। उनके घर में लगे रंग-बिरंगे फूल और हरे-भरे पौधे लोगों को आकर्षित करते हैं। उनकी बगिया में विभिन्न प्रकार के फूल, सजावटी पौधे और छायादार पौधे लगे हैं।
वह हर पौधे की परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करती हैं। उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को शांति और सुकून मिलता है। दिनभर की व्यस्तता के बाद बगिया में बैठकर उन्हें मानसिक राहत का अनुभव होता है।
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सुनीता का कहना है कि पौधे केवल घर की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि वातावरण को स्वच्छ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़-पौधे हवा को शुद्ध करते हैं, तापमान को संतुलित रखते हैं और प्रकृति के संरक्षण में योगदान देते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन, खेत या आसपास खाली स्थानों पर पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल करें।
सुनीता ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले कुछ गमलों से बागवानी की शुरू की थी। धीरे-धीरे पौधों के प्रति लगाव बढ़ता गया और आज उनके घर का अधिकांश हिस्सा हरियाली से आच्छादित है।
वह प्रतिदिन सुबह एक घंटा और शाम को एक घंटा पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, निराई-गुड़ाई करना और नए पौधे तैयार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
सुनीता पौधों के लिए रासायनिक खाद के बजाय घर से निकलने वाले किचन वेस्ट का उपयोग करती हैं। सब्जियों और फलों के छिलकों सहित अन्य जैविक कचरे से वह खाद तैयार करती हैं, जिससे पौधों को पोषण मिलता है और घरेलू कचरे का भी बेहतर उपयोग हो जाता है।
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गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल जरूरी
भाड़ावास मार्ग स्थित नर्सरी के संचालक सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में पौधों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण पौधों में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में सुबह और शाम नियमित रूप से सिंचाई करनी चाहिए। पौधों की जड़ों में नमी बनाए रखने के लिए सूखी पत्तियों या जैविक खाद का उपयोग किया जा सकता है।
सुनीता 25 वर्षों से बगिया की देखभाल कर रही हैं। वह इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं। उन्होंने में गुलाब, गेंदा, गुड़हल समेत कई प्रकार के पौधे लगाए हैं। उनके घर में लगे रंग-बिरंगे फूल और हरे-भरे पौधे लोगों को आकर्षित करते हैं। उनकी बगिया में विभिन्न प्रकार के फूल, सजावटी पौधे और छायादार पौधे लगे हैं।
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वह हर पौधे की परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करती हैं। उनका कहना है कि पौधों के बीच समय बिताने से मन को शांति और सुकून मिलता है। दिनभर की व्यस्तता के बाद बगिया में बैठकर उन्हें मानसिक राहत का अनुभव होता है।
सुनीता का कहना है कि पौधे केवल घर की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि वातावरण को स्वच्छ रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़-पौधे हवा को शुद्ध करते हैं, तापमान को संतुलित रखते हैं और प्रकृति के संरक्षण में योगदान देते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, आंगन, खेत या आसपास खाली स्थानों पर पौधे लगाए और उनकी नियमित देखभाल करें।
सुनीता ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले कुछ गमलों से बागवानी की शुरू की थी। धीरे-धीरे पौधों के प्रति लगाव बढ़ता गया और आज उनके घर का अधिकांश हिस्सा हरियाली से आच्छादित है।
वह प्रतिदिन सुबह एक घंटा और शाम को एक घंटा पौधों की देखभाल में लगाती हैं। इस दौरान पौधों को पानी देना, सूखी पत्तियां हटाना, निराई-गुड़ाई करना और नए पौधे तैयार करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
सुनीता पौधों के लिए रासायनिक खाद के बजाय घर से निकलने वाले किचन वेस्ट का उपयोग करती हैं। सब्जियों और फलों के छिलकों सहित अन्य जैविक कचरे से वह खाद तैयार करती हैं, जिससे पौधों को पोषण मिलता है और घरेलू कचरे का भी बेहतर उपयोग हो जाता है।
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गर्मी में पौधों की विशेष देखभाल जरूरी
भाड़ावास मार्ग स्थित नर्सरी के संचालक सुरेश कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में पौधों की विशेष देखभाल की जरूरत होती है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण पौधों में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में सुबह और शाम नियमित रूप से सिंचाई करनी चाहिए। पौधों की जड़ों में नमी बनाए रखने के लिए सूखी पत्तियों या जैविक खाद का उपयोग किया जा सकता है।

सुनीता देवी