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Rewari News: बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
Sun, 26 Jul 2026 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 26 Jul 2026 11:49 PM IST
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रेवाड़ी। मानसून के मौसम में जलभराव और दूषित पानी के चलते डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी बढ़ा दी है। फॉगिंग और दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
हर साल जुलाई से सितंबर तक प्रदेश में वेक्टर जनित बीमारियों के मामले बढ़ते हैं। रेवाड़ी में भी कूलर, पानी की टंकी, गमले और अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है।
डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि मच्छरों से बचाव के लिए घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे और फूलदान का पानी नियमित रूप से बदलना चाहिए। पानी की टंकियों को ढककर रखें और घर के आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा न होने दें।
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उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में दो तरह की बीमारियां अधिक फैलती हैं। पहली मच्छर जनित बीमारियां हैं, जिनमें डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया शामिल हैं। ये मच्छर साफ पानी में भी पनप सकते हैं। इसलिए कूलर, गमले, टायर और अन्य बर्तनों में एक सप्ताह से अधिक समय तक पानी जमा न होने दें।
मच्छरों से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। दूसरी जलजनित बीमारियां हैं, जिनमें टाइफाइड, पीलिया और दस्त प्रमुख हैं। इनसे बचने के लिए साफ और उबला हुआ या फिल्टर पानी पीना चाहिए। खाना ढककर रखें और भोजन करने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय रहेंगी। आशा कार्यकर्ता, डीबीसी, एमपीएचडब्ल्यू और एएनएम घर-घर जाकर बुखार सर्वे और मच्छरों की ब्रीडिंग की जांच करेंगी। इसके अलावा फॉगिंग और लार्वा नाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि तेज बुखार, शरीर दर्द, उल्टी-दस्त, पेट दर्द या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना एचडब्ल्यूसी, पीएचसी या सीएचसी को दें।
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हर साल जुलाई से सितंबर तक प्रदेश में वेक्टर जनित बीमारियों के मामले बढ़ते हैं। रेवाड़ी में भी कूलर, पानी की टंकी, गमले और अन्य स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बनता है।
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डेंगू एवं मलेरिया नियंत्रण नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर ने बताया कि मच्छरों से बचाव के लिए घरों में कूलर, फ्रिज की ट्रे और फूलदान का पानी नियमित रूप से बदलना चाहिए। पानी की टंकियों को ढककर रखें और घर के आसपास किसी भी स्थान पर पानी जमा न होने दें।
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उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में दो तरह की बीमारियां अधिक फैलती हैं। पहली मच्छर जनित बीमारियां हैं, जिनमें डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया शामिल हैं। ये मच्छर साफ पानी में भी पनप सकते हैं। इसलिए कूलर, गमले, टायर और अन्य बर्तनों में एक सप्ताह से अधिक समय तक पानी जमा न होने दें।
मच्छरों से बचने के लिए पूरे कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। दूसरी जलजनित बीमारियां हैं, जिनमें टाइफाइड, पीलिया और दस्त प्रमुख हैं। इनसे बचने के लिए साफ और उबला हुआ या फिल्टर पानी पीना चाहिए। खाना ढककर रखें और भोजन करने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी सक्रिय रहेंगी। आशा कार्यकर्ता, डीबीसी, एमपीएचडब्ल्यू और एएनएम घर-घर जाकर बुखार सर्वे और मच्छरों की ब्रीडिंग की जांच करेंगी। इसके अलावा फॉगिंग और लार्वा नाशक दवा का छिड़काव किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि तेज बुखार, शरीर दर्द, उल्टी-दस्त, पेट दर्द या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। किसी भी संदिग्ध मरीज की सूचना एचडब्ल्यूसी, पीएचसी या सीएचसी को दें।