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Rewari News: सुबह बारिश होते ही सरसों को ढकने में जुटे व्यापारी, धूप होने पर मिली राहत
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 24 Mar 2026 12:03 AM IST
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अनाज मंडी में फसल को समेटते श्रमिक। संवाद
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रेवाड़ी। मौसम बदलने के साथ ही सोमवार सुबह बारिश होने से अनाज मंडी में अफरातफरी मच गई। व्यापारियों ने पानी से बचाने के लिए सरसों को तिरपाल से ढंकना शुरू कर दिया। बाद में धूप होने पर व्यापारियों ने राहत की सांस ली।
यदि बारिश लंबे समय तक जारी रहती तो मंडी में रखी सरसों की फसल को दोबारा भारी नुकसान हो सकता था। इससे पहले कुछ दिन पूर्व हुई तेज बारिश के कारण सरसों की फसल पहले ही काफी हद तक खराब हो चुकी थी और कई जगहों पर भीग कर सड़ने लगी थी।
मंडी में सभी के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपाल की व्यवस्था नहीं है, जिससे अचानक बारिश होने पर फसल को पूरी तरह सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से इस बार भी नुकसान की आशंका बनी हुई थी। हालांकि, समय रहते धूप निकलने से स्थिति संभल गई।
मंडी परिसर में टीन शेड के बाहर पड़ी फसल भी अब काफी हद तक खाली हो चुकी है। व्यापारी और मजदूर मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं ताकि आगे किसी भी मौसम बदलाव से पहले फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
हालांकि, बारिश के कारण जो फसल खराब हुई थी, उसकी दुर्गंध अभी तक मंडी में बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़ी हुई सरसों से उठने वाली बदबू के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है।
कुल मिलाकर, अचानक आई बारिश और फिर तेज धूप ने मंडी के हालात को कुछ समय के लिए जरूर प्रभावित किया, लेकिन समय रहते मौसम साफ होने से बड़ी क्षति टल गई और अब कामकाज फिर से पटरी पर लौटता नजर आ रहा है।
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उठान का कार्य भी तेजी से चल रहा
व्यापार संघ के प्रधान अशोक यादव ने बताया कि तेज धूप के कारण भीगी हुई सरसों की फसल अब काफी हद तक सूख चुकी है। पिछले 3 दिनों से लगातार निकल रही तेज धूप ने मंडी में कामकाज को फिर से रफ्तार दे दी है। अब श्रमिक सूखी फसल को बोरियों में भरकर गोदामों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। मौसम साफ होने के कारण उठान का कार्य भी तेजी से चल रहा है और मंडी में जगह-जगह पड़ी फसल को व्यवस्थित किया जा रहा है।
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यदि बारिश लंबे समय तक जारी रहती तो मंडी में रखी सरसों की फसल को दोबारा भारी नुकसान हो सकता था। इससे पहले कुछ दिन पूर्व हुई तेज बारिश के कारण सरसों की फसल पहले ही काफी हद तक खराब हो चुकी थी और कई जगहों पर भीग कर सड़ने लगी थी।
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मंडी में सभी के पास पर्याप्त मात्रा में तिरपाल की व्यवस्था नहीं है, जिससे अचानक बारिश होने पर फसल को पूरी तरह सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से इस बार भी नुकसान की आशंका बनी हुई थी। हालांकि, समय रहते धूप निकलने से स्थिति संभल गई।
मंडी परिसर में टीन शेड के बाहर पड़ी फसल भी अब काफी हद तक खाली हो चुकी है। व्यापारी और मजदूर मिलकर तेजी से काम कर रहे हैं ताकि आगे किसी भी मौसम बदलाव से पहले फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
हालांकि, बारिश के कारण जो फसल खराब हुई थी, उसकी दुर्गंध अभी तक मंडी में बनी हुई है। कई स्थानों पर सड़ी हुई सरसों से उठने वाली बदबू के कारण काम करना मुश्किल हो रहा है।
कुल मिलाकर, अचानक आई बारिश और फिर तेज धूप ने मंडी के हालात को कुछ समय के लिए जरूर प्रभावित किया, लेकिन समय रहते मौसम साफ होने से बड़ी क्षति टल गई और अब कामकाज फिर से पटरी पर लौटता नजर आ रहा है।
उठान का कार्य भी तेजी से चल रहा
व्यापार संघ के प्रधान अशोक यादव ने बताया कि तेज धूप के कारण भीगी हुई सरसों की फसल अब काफी हद तक सूख चुकी है। पिछले 3 दिनों से लगातार निकल रही तेज धूप ने मंडी में कामकाज को फिर से रफ्तार दे दी है। अब श्रमिक सूखी फसल को बोरियों में भरकर गोदामों तक पहुंचाने में लगे हुए हैं। मौसम साफ होने के कारण उठान का कार्य भी तेजी से चल रहा है और मंडी में जगह-जगह पड़ी फसल को व्यवस्थित किया जा रहा है।