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Rewari News: भिवाड़ी में श्रमिकों ने वेतन वृद्धि की उठाई आवाज
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 12 Apr 2026 11:36 PM IST
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भिवाड़ी में आयोजित बैठक में पहुंचे फैक्टरी संचालक व प्रतिनिधि। स्रोत : संगठन
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भिवाड़ी। हरियाणा में न्यूनतम मजदूरी की बढ़ोतरी का असर अब भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। इसके कारण यहां के श्रमिकों में असंतोष बढ़ गया है जो राजस्थान में भी न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
श्रमिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ती महंगाई के कारण जीवन-यापन का खर्च अधिक है। मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इसी मांग को लेकर पिछले 7-8 दिनों में भिवाड़ी और खुशखेड़ा की तीन बड़ी औद्योगिक इकाइयों में प्रदर्शन हुए हैं। श्रमिकों की इन समस्याओं को देखते हुए भिवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित की।
इसमें 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के मालिक और एचआर प्रमुख शामिल हुए। बैठक में श्रमिकों की समस्याओं और उनके कारण उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की गई। इस दौरान बीसीसीआई अध्यक्ष रामनारायण चौधरी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में वेतन वृद्धि के बाद राजस्थान के श्रमिकों में उपजे असंतोष का समाधान खोजना था।
उन्होंने कहा कि 2-3 दिनों में उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से मिलकर समस्या के समाधान की मांग रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यूनतम मजदूरी को लेकर श्रमिकों में असंतोष बना रहा, तो औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
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कई दिनों से हो रहा था प्रदर्शन
गौरतलब है कि बीते 10 दिनों में खुशखेड़ा और भिवाड़ी की तीन कंपनियों में श्रमिकों ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। इन मामलों में कंपनियों ने श्रमिकों से बातचीत कर स्थिति को शांत करवाया है। गैस की किल्लत से तमाम श्रमिक पलायन कर चुके हैं। अब भिवाड़ी सीमा से सटे धारूहेड़ा और मानेसर के उद्योगों में कुशल श्रमिकों के जाने का खतरा भी बढ़ गया है।
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श्रमिकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ती महंगाई के कारण जीवन-यापन का खर्च अधिक है। मौजूदा वेतन में गुजारा करना मुश्किल हो रहा है। इसी मांग को लेकर पिछले 7-8 दिनों में भिवाड़ी और खुशखेड़ा की तीन बड़ी औद्योगिक इकाइयों में प्रदर्शन हुए हैं। श्रमिकों की इन समस्याओं को देखते हुए भिवाड़ी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने उद्योगपतियों के साथ बैठक आयोजित की।
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इसमें 50 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के मालिक और एचआर प्रमुख शामिल हुए। बैठक में श्रमिकों की समस्याओं और उनके कारण उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों के समाधान पर चर्चा की गई। इस दौरान बीसीसीआई अध्यक्ष रामनारायण चौधरी ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में वेतन वृद्धि के बाद राजस्थान के श्रमिकों में उपजे असंतोष का समाधान खोजना था।
उन्होंने कहा कि 2-3 दिनों में उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर से मिलकर समस्या के समाधान की मांग रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्यूनतम मजदूरी को लेकर श्रमिकों में असंतोष बना रहा, तो औद्योगिक इकाइयों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
कई दिनों से हो रहा था प्रदर्शन
गौरतलब है कि बीते 10 दिनों में खुशखेड़ा और भिवाड़ी की तीन कंपनियों में श्रमिकों ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। इन मामलों में कंपनियों ने श्रमिकों से बातचीत कर स्थिति को शांत करवाया है। गैस की किल्लत से तमाम श्रमिक पलायन कर चुके हैं। अब भिवाड़ी सीमा से सटे धारूहेड़ा और मानेसर के उद्योगों में कुशल श्रमिकों के जाने का खतरा भी बढ़ गया है।