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Rewari News: खेल मैदानों की कमी से जूझ रहे युवा, सरकार से उठाई सुविधाओं की मांग
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युवा अपनी समस्या बताते। स्रोत : संस्था
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रेवाड़ी। शहर और आसपास के क्षेत्रों में खेल मैदानों की कमी बच्चों और युवाओं के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। लोक सेवा मंच के आह्वान पर स्थानीय बीएमजी मॉल के सामने सेक्टर-5 में बच्चों और युवाओं ने एकत्रित होकर समस्याएं साझा कीं। युवाओं ने बताया कि मोहल्लों और आसपास खेल मैदानों की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है।
इसके अलावा ऐसी सार्वजनिक जगहों की भी कमी है जहां वे शैक्षणिक गतिविधियां, सामूहिक कार्यक्रम, जन्मदिन समारोह या अन्य सामाजिक आयोजन कर सकें। मजबूरी में उन्हें गली-मोहल्लों में ही खेलना पड़ता है जहां लोगों की टोकाटाकी और बार-बार होने वाले व्यवधानों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि गली-मोहल्लों में जगह की कमी और ऊंची-नीची जमीन के कारण खेलते समय कई बार बच्चे और युवा चोटिल भी हो चुके हैं। वहीं पशु और कुत्ते भी खेल गतिविधियों में बाधा बनते हैं जिससे सुरक्षा का खतरा बना रहता है।
युवाओं ने सरकार से मांग की है कि नीतिगत स्तर पर निर्णय लेकर हर क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिल्ड्रन क्लब और यूथ क्लब बनाए जाएं। इन परिसरों के साथ 2 से 5 एकड़ भूमि पर खेल मैदान विकसित किए जाएं जहां इनडोर और आउटडोर खेलों की पूरी सुविधा उपलब्ध हो।
प्रधान अशोक ने कहा कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए बच्चों और युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास बेहद जरूरी है। खेल गतिविधियां न केवल शरीर को स्वस्थ रखती हैं बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी राज्य में सरकार का दायित्व है कि वह बच्चों और युवाओं की जरूरतों को प्राथमिकता दे। उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए जल्द से जल्द खेल मैदानों और क्लबों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान कोर कमेटी सदस्य बीके राम सिंह भी मौजूद रहे।
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इसके अलावा ऐसी सार्वजनिक जगहों की भी कमी है जहां वे शैक्षणिक गतिविधियां, सामूहिक कार्यक्रम, जन्मदिन समारोह या अन्य सामाजिक आयोजन कर सकें। मजबूरी में उन्हें गली-मोहल्लों में ही खेलना पड़ता है जहां लोगों की टोकाटाकी और बार-बार होने वाले व्यवधानों का सामना करना पड़ता है।
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उन्होंने बताया कि गली-मोहल्लों में जगह की कमी और ऊंची-नीची जमीन के कारण खेलते समय कई बार बच्चे और युवा चोटिल भी हो चुके हैं। वहीं पशु और कुत्ते भी खेल गतिविधियों में बाधा बनते हैं जिससे सुरक्षा का खतरा बना रहता है।
युवाओं ने सरकार से मांग की है कि नीतिगत स्तर पर निर्णय लेकर हर क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में चिल्ड्रन क्लब और यूथ क्लब बनाए जाएं। इन परिसरों के साथ 2 से 5 एकड़ भूमि पर खेल मैदान विकसित किए जाएं जहां इनडोर और आउटडोर खेलों की पूरी सुविधा उपलब्ध हो।
प्रधान अशोक ने कहा कि स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए बच्चों और युवाओं का शारीरिक और मानसिक विकास बेहद जरूरी है। खेल गतिविधियां न केवल शरीर को स्वस्थ रखती हैं बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास भी बढ़ाती हैं।
उन्होंने कहा कि जनकल्याणकारी राज्य में सरकार का दायित्व है कि वह बच्चों और युवाओं की जरूरतों को प्राथमिकता दे। उनकी समस्याओं का समाधान करते हुए जल्द से जल्द खेल मैदानों और क्लबों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा जाएगा। इस दौरान कोर कमेटी सदस्य बीके राम सिंह भी मौजूद रहे।