{"_id":"6a2e980b97a340f9be085bee","slug":"bail-theft-accused-rohtak-news-c-17-roh1020-872478-2026-06-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: तार चोरी करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: तार चोरी करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 15 Jun 2026 05:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
लोगो :: अदालत से
रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ भूपेंद्र कुमार की कोर्ट ने तार चोरी करने के आरोपी कलानौर हाल न्यू बस स्टैंड निवासी मानव (24) की वीरवार को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। तार चोरी से बिजली निगम को लगभग 3.02 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
24 मई 2026 की रात को लाइन स्टाफ को 11 केवी बैंसी एपी लाइन में खराबी की सूचना मिली थी। मौके पर जांच करने पर करीब 3,700 मीटर एसीएसआर कंडक्टर चोरी पाया गया। विभाग के अनुसार इस चोरी से लगभग 3.02 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसका नाम एफआईआर में नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है इसलिए नरमी दिखाते हुए आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी चोरी करने में पूरा सहयोगी है इसलिए जमानत याचिका को खारिज करना चाहिए।
विज्ञापन
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि तार चोरी करने से राज्य को आर्थिक नुकसान होता है। तारों पर सार्वजनिक धन खर्च कर दोबारा मरम्मत करनी पड़ेगी है। बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बिजली ढांचे से जुड़े तारों की चोरी केवल संपत्ति की चोरी नहीं बल्कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है। अदालत ने वीरवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
रोहतक। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ भूपेंद्र कुमार की कोर्ट ने तार चोरी करने के आरोपी कलानौर हाल न्यू बस स्टैंड निवासी मानव (24) की वीरवार को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। तार चोरी से बिजली निगम को लगभग 3.02 लाख रुपये का नुकसान हुआ था।
24 मई 2026 की रात को लाइन स्टाफ को 11 केवी बैंसी एपी लाइन में खराबी की सूचना मिली थी। मौके पर जांच करने पर करीब 3,700 मीटर एसीएसआर कंडक्टर चोरी पाया गया। विभाग के अनुसार इस चोरी से लगभग 3.02 लाख रुपये का नुकसान हुआ। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि उसका नाम एफआईआर में नहीं था और उसे झूठा फंसाया गया है इसलिए नरमी दिखाते हुए आरोपी को जमानत दी जानी चाहिए। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी चोरी करने में पूरा सहयोगी है इसलिए जमानत याचिका को खारिज करना चाहिए।
अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि तार चोरी करने से राज्य को आर्थिक नुकसान होता है। तारों पर सार्वजनिक धन खर्च कर दोबारा मरम्मत करनी पड़ेगी है। बिजली की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। बिजली ढांचे से जुड़े तारों की चोरी केवल संपत्ति की चोरी नहीं बल्कि सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं को प्रभावित करने वाला गंभीर अपराध है। अदालत ने वीरवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।