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Rohtak News: लोन अदा न करने पर बैंक ने मकान किया सील
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महम। मोखरा में कोगटा फाइनेंशियल इंडिया लिमिटेड ने ऋण की अदायगी नहीं होने पर एक मकान पर कब्जा कर उसे सील कर दिया। बैंक ने मकान के मुख्य द्वार पर अपना फ्लेक्स भी लगा दिया।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे बैंक प्रबंधक मानवेंद्र के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों की टीम मोखरा गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में महम के तहसीलदार रवि कुमार तथा भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
रवि कुमार ने बताया कि गांव निवासी नवीन पुत्र रमेश ने कई वर्ष पूर्व कोगटा फाइनेंशियल इंडिया लिमिटेड से ऋण लिया था। ऋण खाते में वर्तमान में करीब 24 लाख रुपये की बकाया राशि है। बकाया वसूली के लिए बैंक ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय के आदेश के बाद एडीसी रोहतक ने आगे की कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे।
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उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले कई बार मकान के बाहर नोटिस चस्पा किए गए, लेकिन ऋणधारक की ओर से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। मौके पर भी मकान मालिक को बकाया राशि जमा कर मामला निपटाने का अवसर दिया गया, लेकिन बैंक अधिकारियों और मकान मालिक के बीच सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद नियमानुसार मकान का कब्जा बैंक को सौंप दिया गया और उसे सील कर दिया गया। हालांकि मकान मालिक ने जल्द ही बकाया राशि का भुगतान कर मकान वापस लेने की बात कही है।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे बैंक प्रबंधक मानवेंद्र के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों की टीम मोखरा गांव पहुंची। कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में महम के तहसीलदार रवि कुमार तथा भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
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रवि कुमार ने बताया कि गांव निवासी नवीन पुत्र रमेश ने कई वर्ष पूर्व कोगटा फाइनेंशियल इंडिया लिमिटेड से ऋण लिया था। ऋण खाते में वर्तमान में करीब 24 लाख रुपये की बकाया राशि है। बकाया वसूली के लिए बैंक ने न्यायालय की शरण ली थी। न्यायालय के आदेश के बाद एडीसी रोहतक ने आगे की कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले कई बार मकान के बाहर नोटिस चस्पा किए गए, लेकिन ऋणधारक की ओर से कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली। मौके पर भी मकान मालिक को बकाया राशि जमा कर मामला निपटाने का अवसर दिया गया, लेकिन बैंक अधिकारियों और मकान मालिक के बीच सहमति नहीं बन सकी।
इसके बाद नियमानुसार मकान का कब्जा बैंक को सौंप दिया गया और उसे सील कर दिया गया। हालांकि मकान मालिक ने जल्द ही बकाया राशि का भुगतान कर मकान वापस लेने की बात कही है।