पूर्व वित्तमंत्री की कोठी जलाने का केस: 40 अभियुक्तों को राहत नहीं, कोर्ट से दूसरी एफआईआर में फैसला आना बाकी
फरवरी 2016 में हुई हिंसा के पांच केस प्रदेश सरकार ने सीबीआई को जांच के लिए सौंपे थे। जांच टीम ने पांचों केस में सीबीआई कोर्ट में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी। एक केस में आरोपी शुक्रवार को बरी हो गए। बाकी चार केस में सुनवाई चल रही है।
विस्तार
जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में एक दिन पहले बरी हुए 56 में से 40 अभियुक्तों को अभी राहत नहीं है क्योंकि रोहतक पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर 65 में सीबीआई कोर्ट का फैसला आना बाकी है। मामले को लेकर 18 मार्च को पंचकूला स्थित सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होगी।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में रोहतक शहर में दो दिन लगातार आगजनी की घटनाएं हुई थीं। पूर्व वित्तमंत्री की 19 व 20 फरवरी को कोठी जला दी गई थी। अर्बन एस्टेट थाने के ईएसआई राजेश के बयान पर अज्ञात के खिलाफ 65 नंबर एफआईआर दर्ज की गई थी।
पूर्व वित्तमंत्री के भतीजे रोहित सिंधु के बयान पर 28 फरवरी 2016 को दूसरी एफआईआर दर्ज की गई थी। रोहित के बयान पर दर्ज एफआईआर में शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट ने 56 आरोपियों को बरी कर दिया जबकि पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर की सीबीआई ने जांच की और अलग से चार्जशीट दाखिल कर रखी है।
इस एफआईआर में जुवनाइल कोर्ट ने चार नाबालिग को बरी कर दिया था। जुवनाइल के खिलाफ आरोप सीबीआई ने वापस ले लिए थे लेकिन अन्य 40 बालिग आरोपियों के खिलाफ आरोप अभी वापस नहीं लिए हैं। अभी भी सीबीआई कोर्ट में केस की गवाही पर चल रही है।
रोहतक हिंसा के पांच केस को सरकार ने सीबीआई को था सौंपा
फरवरी 2016 में हुई हिंसा के पांच केस प्रदेश सरकार ने सीबीआई को जांच के लिए सौंपे थे। जांच टीम ने पांचों केस में सीबीआई कोर्ट में अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थी। एक केस में आरोपी शुक्रवार को बरी हो गए। बाकी चार केस में सुनवाई चल रही है। इसमें पूर्व वित्तमंत्री की कोठी में आग लगाने की पुलिस की तरफ से दर्ज कराई एफआईआर, आईजी कार्यालय में तोड़फोड़ व हिंसा, पूर्व वित्तमंत्री के स्कूल व प्रिंटिंग प्रेस में हिंसा के मामले में फैसला आना बाकी है।
एक घटना की दो एफआईआर सही नहीं, हाईकोर्ट में दायर की है रद्द करने की अर्जी
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि 21 फरवरी 2016 को रोहतक पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ पूर्व वित्तमंत्री की कोठी में आग लगाने, तोड़फोड़ व हिंसा की एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में केस सीबीआई के पास चला गया। केस में अभी गवाही चल रही है। हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर उक्त एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है।
यह किसी एक पक्ष नहीं समाज की जीत : सर्वखाप पंचायत
पूर्व वित्तमंत्री की कोठी जलाने के मामले में शुक्रवार को आया अदालत का फैसला सही है। इसमें किसी एक पक्ष की हार-जीत नहीं हुई बल्कि समाज व भाईचारे की जीत हुई है। समाज ने भाईचारे को बनाए रखने के लिए पहले भी प्रयास किए थे। जो सफल रहे। 2016 में जो हुआ दुर्भाग्यपूर्ण था। -महेंद्र सिंह नांदल, संयोजक सर्वखाप पंचायत
नेताओं ने साधी चुप्पी, सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया नहीं
पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के मामले में सीबीआई कोर्ट के आरोपियों को बरी करने के निर्णय पर नेताओं ने चुप्पी साध ली है। राजनीति में सक्रिय नेता सोशल मीडिया पर भी फैसले पर अपने विचार व्यक्त नहीं कर रहे हैं।
पूर्व वित्तमंत्री की कोठी पर चहल-पहल नहीं, बोले दिल्ली हैं कैप्टन अभिमन्यु
सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने केवल इतना कहा है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। शनिवार को भी वह दिल्ली ही रहे। सेक्टर-14 स्थित कोठी पर ज्यादा चहल-पहल नहीं दिखी।