भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने बांसवाड़ा में बड़ी कार्रवाई की है। बांसवाड़ा तहसील के कोष कार्यालय में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते सहायक प्रशासनिक अधिकारी और वरिष्ठ सहायक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम ने यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेष मीणा के नेतृत्व में की।
एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार परिवादी ने ई-मित्र के माध्यम से जाति और मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था। इस दौरान वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा ने आवेदन में पटवारी के फर्जी हस्ताक्षर बताकर परिवादी को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी और 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। साथ ही 10 हजार रुपये पर सहमति बनी।
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इसके बाद एसीबी बांसवाड़ा की टीम ने सोमवार दोपहर को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। परिवादी को वरिष्ठ सहायक कचरू कटारा के पास रंग लगे नोटों के साथ भेजा। रिश्वत राशि लेने के बाद इशारा पाकर एसीबी की टीम पहुंची और वरिष्ठ सहायक को मौके पर ही धर दबोचा। आरोपी ने राशि सहायक प्रशासनिक अधिकारी मिलन भट्ट को दे दी थी। भट्ट के पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। दोनों को उदयपुर में विशिष्ट न्यायालय में पेश किया जाएगा।