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Rohtak News: पति की मौत के 20 माह बाद भी महिला को नहीं मिला पेंशन का लाभ
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बबीता अपने बच्चों व ससुर के साथ मौजूद।
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कलानौर। सरकारी योजनाओं के दावों के बीच हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कलानौर वार्ड नंबर 4 की निवासी बबीता को पति सुधीर की मौत के करीब 20 माह बाद भी विधवा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। पीड़िता पिछले कई माह से समाज कल्याण विभाग, विकास भवन और बीडीओ कार्यालय के चक्कर काट चुकी हैं।
बबीता की शादी को करीब 14 वर्ष हो चुके थे। 22 मई 2024 को उनके पति सुधीर का निधन हो गया था। परिवार में दो छोटे बच्चे हैं। बेटी गीता कक्षा 6 की छात्रा है और बेटा कार्तिक कक्षा 5 में पढ़ रहा है।। पति के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया।
पीड़िता ने बताया कि वर्तमान में परिवार का गुजारा ससुर जसवीर और सास निर्मला की वृद्धावस्था पेंशन से चल रहा है। यह पूरे परिवार की जरूरतों के लिए नाकाफी है। विधवा पेंशन व अन्य सहायता योजनाओं के लिए समय पर आवेदन किया। इसके बाद भी फाइलें दफ्तरों में अटकी हैं।
कस्बावासी कपिल मलिक ने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई जा रहीं योजनाएं जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही हैं। विभागीय लापरवाही के चलते न केवल एक महिला मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान है बल्कि दो मासूम बच्चों का भविष्य भी संकट में है। प्रशासन बबीता को तत्काल विधवा पेंशन योजना समेत अन्य सरकारी सहायता मुहैया कराए।
वर्जन :
यह क्रीड विभाग का कार्य है। यदि उम्मीदवार पात्र है तो पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र ही जानकारी दे सकता है।
- महावीर गोदारा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
दस्तावेजों की खामियों या आय संबंधित सही जानकारी के अभाव में पेंशन रुकी होगी। यदि पात्र उम्मीदवार है तो पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है।
- अनु, कलानौर, इंचार्ज, क्रीड (पीपीई)
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बबीता की शादी को करीब 14 वर्ष हो चुके थे। 22 मई 2024 को उनके पति सुधीर का निधन हो गया था। परिवार में दो छोटे बच्चे हैं। बेटी गीता कक्षा 6 की छात्रा है और बेटा कार्तिक कक्षा 5 में पढ़ रहा है।। पति के निधन के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया।
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पीड़िता ने बताया कि वर्तमान में परिवार का गुजारा ससुर जसवीर और सास निर्मला की वृद्धावस्था पेंशन से चल रहा है। यह पूरे परिवार की जरूरतों के लिए नाकाफी है। विधवा पेंशन व अन्य सहायता योजनाओं के लिए समय पर आवेदन किया। इसके बाद भी फाइलें दफ्तरों में अटकी हैं।
कस्बावासी कपिल मलिक ने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं को समय पर सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई जा रहीं योजनाएं जमीनी स्तर पर दम तोड़ती नजर आ रही हैं। विभागीय लापरवाही के चलते न केवल एक महिला मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान है बल्कि दो मासूम बच्चों का भविष्य भी संकट में है। प्रशासन बबीता को तत्काल विधवा पेंशन योजना समेत अन्य सरकारी सहायता मुहैया कराए।
वर्जन :
यह क्रीड विभाग का कार्य है। यदि उम्मीदवार पात्र है तो पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है। इसके लिए परिवार पहचान पत्र ही जानकारी दे सकता है।
- महावीर गोदारा, जिला समाज कल्याण अधिकारी
दस्तावेजों की खामियों या आय संबंधित सही जानकारी के अभाव में पेंशन रुकी होगी। यदि पात्र उम्मीदवार है तो पेंशन योजना का लाभ उठा सकता है।
- अनु, कलानौर, इंचार्ज, क्रीड (पीपीई)
