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हनुमानजी ने अपना सीना चीर प्रभु राम व सीता की छवि दिखाई : साध्वी
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 01 Feb 2026 02:45 AM IST
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18...माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हनुमान कथा का वर्णन करती स
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में पांच दिवसीय 25वें वार्षिकोत्सव के चौथे दिन हनुमान की रामभक्ति का बखान किया गया। शनिवार को साध्वी मानेश्वरी देवी ने गणेश वंदना के साथ कथा वाचन शुरू किया।
हनुमान कथा में साध्वी ने कहा कि चौदह वर्ष के वनवास के राम ने अयोध्या लौटे। उन्होंने अपने दरबार में सभी सहयोगियों व भक्तों को उपहार भेंट किए। हनुमानजी को दरबार में प्रभु राम व माता सीता ने उन्हें मोती का सुंदर हार दिया। हनुमानजी ने आदरपूर्वक हार स्वीकार करने के बाद उसके रत्न व मोती को ध्यान से निहारने लगे। कुछ देर बाद हार को हनुमानजी ने तोड़ना शुरू कर दिया।
हनुमानजी को इस स्थिति में देखकर सभी हैरान रह गए। लक्ष्मण जी ने इस बारे में उनसे पूछा कि कीमती उपहार का यह हश्र क्यों किया। इस पर हनुमानजी ने कहा जिसमें राम का नाम नहीं वह मेरे भला किस काम का। लक्ष्मण जी ने कहा आपके शरीर में तो कहीं भी राम नाम नहीं है। क्या आप इस शरीर का त्याग कर देंगे। इतना कहते ही हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया। इसमें प्रभु राम व माता सीता की अलौकिक छवि दिखाई दी। इस पर लक्ष्मणजी ने हनुमानजी से माफी मांगी।
इस मौके पर प्रवीण जोशी, मेयर फरीदाबाद, फणींद्र नाथ शर्मा, अजय बंसल ने ज्योत प्रचंड कर पूजा अर्चना की।
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हनुमान कथा में साध्वी ने कहा कि चौदह वर्ष के वनवास के राम ने अयोध्या लौटे। उन्होंने अपने दरबार में सभी सहयोगियों व भक्तों को उपहार भेंट किए। हनुमानजी को दरबार में प्रभु राम व माता सीता ने उन्हें मोती का सुंदर हार दिया। हनुमानजी ने आदरपूर्वक हार स्वीकार करने के बाद उसके रत्न व मोती को ध्यान से निहारने लगे। कुछ देर बाद हार को हनुमानजी ने तोड़ना शुरू कर दिया।
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हनुमानजी को इस स्थिति में देखकर सभी हैरान रह गए। लक्ष्मण जी ने इस बारे में उनसे पूछा कि कीमती उपहार का यह हश्र क्यों किया। इस पर हनुमानजी ने कहा जिसमें राम का नाम नहीं वह मेरे भला किस काम का। लक्ष्मण जी ने कहा आपके शरीर में तो कहीं भी राम नाम नहीं है। क्या आप इस शरीर का त्याग कर देंगे। इतना कहते ही हनुमानजी ने अपना सीना चीर दिया। इसमें प्रभु राम व माता सीता की अलौकिक छवि दिखाई दी। इस पर लक्ष्मणजी ने हनुमानजी से माफी मांगी।
इस मौके पर प्रवीण जोशी, मेयर फरीदाबाद, फणींद्र नाथ शर्मा, अजय बंसल ने ज्योत प्रचंड कर पूजा अर्चना की।

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