{"_id":"696299c55ca0bb34e402ab53","slug":"healthcare-workers-are-being-given-the-hepatitis-b-vaccine-rohtak-news-c-17-roh1020-792082-2026-01-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगाई जा रही हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगाई जा रही हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन
विज्ञापन
22...पीजीआई के काला पीलिया नोडल ट्रीटमेंट सेंटर में बच्ची को वैक्सीन लगाती नर्सिंग अधिकारी। प
विज्ञापन
रोहतक। हेपेटाइटिस बी पीड़ित के परिवार में भी 13 प्रतिशत लोग इस बीमारी का शिकार होते हैं। इन्हें समय पर वैक्सीन देकर व जागरूकता अभियान के जरिए सुरक्षित रखा जा सकता है। इसके चलते स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को पीजीआई की ओपीडी में निशुल्क वैक्सीन लगाई जा रही है।
नेशनल वायरल हेपिटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत पहले 8,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन लगाई गई है। पीजीआईएमएस के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने शनिवार को बीमारी से बचाव की जानकारी दी।
विभागाध्यक्ष ने कहा कि नोडल ट्रीटमेंट सेंटर पीजीआई में पिछले 13 वर्षों से प्रतिदिन बिना किसी वेटिंग के मरीजों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। अब तक लगभग 38,000 काला पीलिया (हेपेटाइटिस बी और सी) के मरीजों को पंजीकरण किया जा चुका है।
यहां न केवल हरियाणा बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब तक के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। विभाग में एक ही छत के नीचे एंडोस्कोपी, फाइब्रोस्कैन, कोलोनोस्कोपी, रजिस्ट्रेशन, दवाइयां व काउंसिलिंग की सुविधा मुहैय्या कराई जाती है।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. वरुण अरोड़ा ने कहा कि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डायलिसिस, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, नशे के टीके लगाने वाले व अन्य तरह का नशा करने वाले, एचसीवी, एचआईवी, लिवर सिरोसिस व हेपेटाइटिस मरीज के परिजनों को भी यह वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए।
पीजीआइएमएस के स्त्री रोग विभाग व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने मां व उनके नवजात शिशु में होने वाले हेपेटाइटिस बी से बचाव में काफी सफलता हासिल की है। इसमें स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया व डॉ. वाणी मल्होत्रा की भूमिका रही।
इन्होंने करीब 500 हेपेटाइटिस बी की गर्भवतियों के नवजात को पैदा होने के तुरंत बाद हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन व इम्युनोग्लोबिन लगवाकर इस बीमारी से बचाया। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।
Trending Videos
नेशनल वायरल हेपिटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत पहले 8,000 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को हेपेटाइटिस बी से बचाव की वैक्सीन लगाई गई है। पीजीआईएमएस के गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण मल्होत्रा ने शनिवार को बीमारी से बचाव की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विभागाध्यक्ष ने कहा कि नोडल ट्रीटमेंट सेंटर पीजीआई में पिछले 13 वर्षों से प्रतिदिन बिना किसी वेटिंग के मरीजों का निशुल्क इलाज किया जा रहा है। अब तक लगभग 38,000 काला पीलिया (हेपेटाइटिस बी और सी) के मरीजों को पंजीकरण किया जा चुका है।
यहां न केवल हरियाणा बल्कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब तक के मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। विभाग में एक ही छत के नीचे एंडोस्कोपी, फाइब्रोस्कैन, कोलोनोस्कोपी, रजिस्ट्रेशन, दवाइयां व काउंसिलिंग की सुविधा मुहैय्या कराई जाती है।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. वरुण अरोड़ा ने कहा कि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डायलिसिस, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, नशे के टीके लगाने वाले व अन्य तरह का नशा करने वाले, एचसीवी, एचआईवी, लिवर सिरोसिस व हेपेटाइटिस मरीज के परिजनों को भी यह वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए।
पीजीआइएमएस के स्त्री रोग विभाग व गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने मां व उनके नवजात शिशु में होने वाले हेपेटाइटिस बी से बचाव में काफी सफलता हासिल की है। इसमें स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा दहिया व डॉ. वाणी मल्होत्रा की भूमिका रही।
इन्होंने करीब 500 हेपेटाइटिस बी की गर्भवतियों के नवजात को पैदा होने के तुरंत बाद हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन व इम्युनोग्लोबिन लगवाकर इस बीमारी से बचाया। यह अपने आप में रिकॉर्ड है।