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Rohtak News: यूरोप व अमेरिका से आने वाला कच्चा माल 10 प्रतिशत महंगा होने के आसार
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5-एरो फास्टनर के प्रबंध निदेशक व उद्यमी जसमेर लाठर।
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रोहतक।
ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य (समुद्री मार्ग) बंद होने से उद्यमियों की परेशानी बढ़ी है। उद्यमियों ने रोहतक में यूरोप व अमेरिका की ओर से आने वाला कच्चा माल अब 10 प्रतिशत महंगा मिलने की आशंका जताई है। यही नहीं 15 दिन देरी से मिलने की भी संभावना बढ़ी है।
नट बोल्ट इंडस्ट्री के लिए महीने में एक करोड़ का होता आयात था : लाठर
एरो फास्टनर के प्रबंध निदेशक व उद्यमी जसमेर लाठर का कहना है कि नट बोल्ट इंडस्ट्री के लिए महीने में एक करोड़ का होता आयात था। अब 1.10 करोड़ में पहुंचेगा। इंडस्ट्री से करीब 2.5 लाख तक का निर्यात होता है। अमेरिका व ईरान में आगामी दिनों में हालात सामान्य नहीं हुए तो निर्यात पर भी असर पड़ेगा क्योंकि सामान की बिक्री नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका से ईरान के समुद्री मार्ग से जहाजों के माध्यम से सामान मंगाया जाता था लेकिन अब जहाजों को लंबा घूमकर आना पड़ेगा। पहले 30 दिन में कच्चे माल की सप्लाई होती थी अब यह 15 दिन और देरी से पहुंचेगा। हालांकि, अभी कच्चा माल ऑर्डर नहीं किया गया है।
रोहतक की 15 से अधिक नट बोल्ट इंडस्ट्री पर पड़ेगा असर
आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव संदीप नांदल ने बताया कि रोहतक से यूके, यरोप, अमेरिका, फ्रांस व इटली देशों में 15 से अधिक नट बोल्ट इंडस्ट्री का व्यापार करती है। इन इंडस्ट्री से अनुमानित 100 करोड़ महीने का व्यापार होता है। विदेशी हमले की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो वास्तव में इन इंडस्ट्री पर पूरा होगा। जिले में गाड़ियों के लिए बनने वाले उपकरण यूके, यरोप, अमेरिका, फ्रांस व इटली जैसे देशों में निर्यात होते हैं जो नहीं जा सकेंगे।
अमेरिका में पहुंचने 500-1000 हजार टन माल रास्ते में
माइक्रोन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक करण विज बोले कि मैं वियतनाम में स्टील व लोहा व्यापार समझौते के लिए गया हुआ हूं। रोहतक की 45 से अधिक औद्यागिक इकाइयों पर असर पड़ेगा। जहां-जहां यूरोप और अमेरिका में निर्यात होता है। समुद्री मार्ग से आने-जाने वाला माल अफ्रीका से होते हुए जाएगा। लंबा मार्ग होने से समय बढ़ेगा और खर्चा भी बढ़ जाएगा। तेल और स्टील महंगा हो जाएगा। मैं करीब महीने का 500 टन का निर्यात करता हूं। इसकी मांग भी कम हो जाएगी। हमारा रोहतक से भेजा गया 500-1000 हजार टन माल ऐसा है जो यूरोप और अमेरिका में पहुंचना है। यह माल अभी रास्ते में ही है। माल का अपडेट लिया जा रहा है।
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नट बोल्ट इंडस्ट्री के लिए महीने में एक करोड़ का होता आयात था : लाठर
एरो फास्टनर के प्रबंध निदेशक व उद्यमी जसमेर लाठर का कहना है कि नट बोल्ट इंडस्ट्री के लिए महीने में एक करोड़ का होता आयात था। अब 1.10 करोड़ में पहुंचेगा। इंडस्ट्री से करीब 2.5 लाख तक का निर्यात होता है। अमेरिका व ईरान में आगामी दिनों में हालात सामान्य नहीं हुए तो निर्यात पर भी असर पड़ेगा क्योंकि सामान की बिक्री नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका से ईरान के समुद्री मार्ग से जहाजों के माध्यम से सामान मंगाया जाता था लेकिन अब जहाजों को लंबा घूमकर आना पड़ेगा। पहले 30 दिन में कच्चे माल की सप्लाई होती थी अब यह 15 दिन और देरी से पहुंचेगा। हालांकि, अभी कच्चा माल ऑर्डर नहीं किया गया है।
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रोहतक की 15 से अधिक नट बोल्ट इंडस्ट्री पर पड़ेगा असर
आईएमटी उद्योग वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव संदीप नांदल ने बताया कि रोहतक से यूके, यरोप, अमेरिका, फ्रांस व इटली देशों में 15 से अधिक नट बोल्ट इंडस्ट्री का व्यापार करती है। इन इंडस्ट्री से अनुमानित 100 करोड़ महीने का व्यापार होता है। विदेशी हमले की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो वास्तव में इन इंडस्ट्री पर पूरा होगा। जिले में गाड़ियों के लिए बनने वाले उपकरण यूके, यरोप, अमेरिका, फ्रांस व इटली जैसे देशों में निर्यात होते हैं जो नहीं जा सकेंगे।
अमेरिका में पहुंचने 500-1000 हजार टन माल रास्ते में
माइक्रोन ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रबंध निदेशक करण विज बोले कि मैं वियतनाम में स्टील व लोहा व्यापार समझौते के लिए गया हुआ हूं। रोहतक की 45 से अधिक औद्यागिक इकाइयों पर असर पड़ेगा। जहां-जहां यूरोप और अमेरिका में निर्यात होता है। समुद्री मार्ग से आने-जाने वाला माल अफ्रीका से होते हुए जाएगा। लंबा मार्ग होने से समय बढ़ेगा और खर्चा भी बढ़ जाएगा। तेल और स्टील महंगा हो जाएगा। मैं करीब महीने का 500 टन का निर्यात करता हूं। इसकी मांग भी कम हो जाएगी। हमारा रोहतक से भेजा गया 500-1000 हजार टन माल ऐसा है जो यूरोप और अमेरिका में पहुंचना है। यह माल अभी रास्ते में ही है। माल का अपडेट लिया जा रहा है।

5-एरो फास्टनर के प्रबंध निदेशक व उद्यमी जसमेर लाठर।

5-एरो फास्टनर के प्रबंध निदेशक व उद्यमी जसमेर लाठर।