{"_id":"6a29cbff88789f2f98043b8c","slug":"saurabhs-body-reaches-crematorium-from-pgi-mother-could-not-even-pay-her-last-respects-rohtak-news-c-17-roh1020-870774-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: पीजीआई से श्मशान पहुंचा सौरभ का शव, अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाई मां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: पीजीआई से श्मशान पहुंचा सौरभ का शव, अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाई मां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रोहतक। डी पार्क अग्निकांड में गुरुनानकपुरा निवासी सौरभ का शव पोस्टमार्टम के बाद पीजीआई से सीधे गोहाना रोड रोड स्थित श्मशान ले जाया गया। शव घर नहीं ले जाने के कारण मां डिंपल और चाची रितु अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाईं।
बेटे के अंतिम संस्कार की सूचना मिलते ही मां बिलख उठीं। अपनी मां को छोड़कर चला गया वह बार-बार यही कहती रहीं। बेटे के गम में बदहवास हुई मां को महिलाओं ने बड़ी मुश्किल से संभाला। कुछ यही हाल कपिल और अमन के घर का नजर आया।
पीजीआई से बुधवार सुबह 11:52 पर पहले बाबरा मोहल्ला निवासी अमन यादव का शव निकला। आग में झुलस कर लगभग कोयला बने शव को पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया। दोपहर करीब 12:15 पर शव के घर पहुंचते ही अमन की मां सविता, पत्नी सीमा, बहन अन्नू का चित्कार मारकर रोने लगीं।
विज्ञापन
मां अपने बेटे के जाने से बदहवास नजर आई तो पत्नी पति का साथ छूटने से बार-बार बेहोश हो रही थी। बहन भी अपने भाई के इस तरह जाने पर फूट फूट कर रोती दिखाई दी। शव को घर पर कुछ ही देर रखा। इसके बाद इसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
पीजीआई के शव गृह से 11:55 पर दूसरा शव नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल का निकला। दोपहर करीब 12:30 बजे शव लेकर परिवार के सदस्य व आसपास के लोग घर पहुंचे। यहां भी शव कुछ ही समय के लिए रखा गया। इस दौरान कपिल की पत्नी राजेश और दाेनों बेटियां बिलख पड़ीं।
राजेश अपनी बेटियों की जिम्मेदारी को लेकर यही कहती रहीं कि तुम्हारे बगैर इन्हें कैसे संभालूंगी। पड़ोस की महिलाओं ने राजेश को किसी तरह संभाला।
बेटे के अंतिम संस्कार की सूचना मिलते ही मां बिलख उठीं। अपनी मां को छोड़कर चला गया वह बार-बार यही कहती रहीं। बेटे के गम में बदहवास हुई मां को महिलाओं ने बड़ी मुश्किल से संभाला। कुछ यही हाल कपिल और अमन के घर का नजर आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पीजीआई से बुधवार सुबह 11:52 पर पहले बाबरा मोहल्ला निवासी अमन यादव का शव निकला। आग में झुलस कर लगभग कोयला बने शव को पोस्टमार्टम के बाद घर ले जाया गया। दोपहर करीब 12:15 पर शव के घर पहुंचते ही अमन की मां सविता, पत्नी सीमा, बहन अन्नू का चित्कार मारकर रोने लगीं।
मां अपने बेटे के जाने से बदहवास नजर आई तो पत्नी पति का साथ छूटने से बार-बार बेहोश हो रही थी। बहन भी अपने भाई के इस तरह जाने पर फूट फूट कर रोती दिखाई दी। शव को घर पर कुछ ही देर रखा। इसके बाद इसे अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
पीजीआई के शव गृह से 11:55 पर दूसरा शव नेहरू कॉलोनी निवासी कपिल का निकला। दोपहर करीब 12:30 बजे शव लेकर परिवार के सदस्य व आसपास के लोग घर पहुंचे। यहां भी शव कुछ ही समय के लिए रखा गया। इस दौरान कपिल की पत्नी राजेश और दाेनों बेटियां बिलख पड़ीं।
राजेश अपनी बेटियों की जिम्मेदारी को लेकर यही कहती रहीं कि तुम्हारे बगैर इन्हें कैसे संभालूंगी। पड़ोस की महिलाओं ने राजेश को किसी तरह संभाला।