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तकनीकी बेस क्राइम कड़ी चुनौती, एआई के लिए तैयार पुलिस : डीजीपी
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रोहतक में पत्रकारों से बात करते डीजीपी अजय सिंघल, साथ हैं आईजी समरजीत सिंह और रोहतक एसपी सुरेंद
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। डीजीपी अजय सिंघल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीकी बेस क्राइम कड़ी चुनौती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है। अपराधी भविष्य में एआई का भी दुरुपयोग कर सकते हैं। पुलिस इससे निपटने की तैयारी कर रही है। वह शुक्रवार को रोहतक में पुलिस अधिकारियों, प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि समाज बदलने के साथ-साथ अपराध के तरीके भी बदल जाते हैं। इंटरनेट व सोशल मीडिया की वजह से अपराध करने का तरीका बदल गया है। तकनीक का दुरुपयोग करके विदेश में बैठकर अपराधी गैंग चला रहे हैं। तकनीक आधारित अपराध को खत्म करने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
नए साल में धमकी भरी कॉल में 40 प्रतिशत की कमी आई है। विदेश में बैठे 25 गैंगस्टर को पुलिस डिपोर्ट कराने में कामयाब रही। बचे गैंगस्टर को वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, नए पुलिसकर्मियों को घर बनाने के लिए विभाग ईएमआई पर ऋण मुहैया कराने के लिए योजना बनाई जा रही है।
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क्राइम के सफर का अंत होता है जेल में
डीजीपी ने कहा कि अपराधी सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके युवाओं को अपने साथ जोड़ रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं व उनके परिवार को समझने की जरूरत है कि अपराध का सफर जेल में जाकर खत्म होता है। पुलिस उन इलाकों में पर फोकस करेगी जहां ज्यादा अपराध पनप रहा है। उन्होंने पूर्व आईजी वाई पूरण कुमार व साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर की मौत को दुखद बताते हुए कहा कि दोनों केस चिंताजनक हैं। बोले-म्हारी केवल एक ही जाति होती है, वह है पुलिस। किसी तरह का मतभेद है तो उसे दूर करने के लिए उच्च स्तर पर मंथन हुआ है। मौके पर आईजी सिमरदीप सिंह, एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया व अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ डीजीपी ने शिक्षाविद्, डॉक्टर, वकील व व्यापारियों के साथ बैठक की और उनसे सुझाव मांगे। साथ ही, सीसीटीवी लगाने पर जोर दिया।
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रोहतक। डीजीपी अजय सिंघल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तकनीकी बेस क्राइम कड़ी चुनौती है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस ने व्यापक योजना तैयार की है। अपराधी भविष्य में एआई का भी दुरुपयोग कर सकते हैं। पुलिस इससे निपटने की तैयारी कर रही है। वह शुक्रवार को रोहतक में पुलिस अधिकारियों, प्रबुद्ध जनों के साथ बैठक के बाद मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
डीजीपी ने कहा कि समाज बदलने के साथ-साथ अपराध के तरीके भी बदल जाते हैं। इंटरनेट व सोशल मीडिया की वजह से अपराध करने का तरीका बदल गया है। तकनीक का दुरुपयोग करके विदेश में बैठकर अपराधी गैंग चला रहे हैं। तकनीक आधारित अपराध को खत्म करने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
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नए साल में धमकी भरी कॉल में 40 प्रतिशत की कमी आई है। विदेश में बैठे 25 गैंगस्टर को पुलिस डिपोर्ट कराने में कामयाब रही। बचे गैंगस्टर को वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, नए पुलिसकर्मियों को घर बनाने के लिए विभाग ईएमआई पर ऋण मुहैया कराने के लिए योजना बनाई जा रही है।
क्राइम के सफर का अंत होता है जेल में
डीजीपी ने कहा कि अपराधी सोशल मीडिया का दुरुपयोग करके युवाओं को अपने साथ जोड़ रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं व उनके परिवार को समझने की जरूरत है कि अपराध का सफर जेल में जाकर खत्म होता है। पुलिस उन इलाकों में पर फोकस करेगी जहां ज्यादा अपराध पनप रहा है। उन्होंने पूर्व आईजी वाई पूरण कुमार व साइबर सेल के एएसआई संदीप लाठर की मौत को दुखद बताते हुए कहा कि दोनों केस चिंताजनक हैं। बोले-म्हारी केवल एक ही जाति होती है, वह है पुलिस। किसी तरह का मतभेद है तो उसे दूर करने के लिए उच्च स्तर पर मंथन हुआ है। मौके पर आईजी सिमरदीप सिंह, एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया व अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ डीजीपी ने शिक्षाविद्, डॉक्टर, वकील व व्यापारियों के साथ बैठक की और उनसे सुझाव मांगे। साथ ही, सीसीटीवी लगाने पर जोर दिया।
