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Rohtak News: प्रदर्शनी में दिखी विभाजन की विभीषिका
Fri, 14 Aug 2026 09:02 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Fri, 14 Aug 2026 09:02 PM IST
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10 राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को विभाजन की भयावहता का स्मरण शीर्षक से प्रदर्शनी के द
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रोहतक। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को विभाजन की भयावहता का स्मरण शीर्षक से एक प्रदर्शनी लगाई गई। यह प्रदर्शनी भारत की स्वतंत्रता और 1947 के विभाजन से जुड़ी पीड़ा व बलिदानों को श्रद्धांजलि देने के लिए थी। ललित कला विभाग ने एनएसएस इकाई के सहयोग से इसका आयोजन किया।
प्रदर्शनी में एक विशाल विषयगत चित्र और मिश्रित माध्यम की कलाकृति प्रस्तुत की गई। यह कलाकृति 1947 के विभाजन से उत्पन्न मानवीय पीड़ा, विस्थापन और भावनात्मक घावों को दर्शाती थी। इसमें विस्थापित होते लोग, भीड़भाड़ वाली रेलगाड़ियां और पीड़ा के दृश्य चित्रित थे। कलाकृति की एक प्रमुख विशेषता कपड़े, धागे और सिलाई का उपयोग था। इन्हें विभाजन के घावों के रूपक के रूप में इस्तेमाल किया गया।
भारत और पाकिस्तान के मानचित्रों के बीच कंटीले तारों का प्रयोग भौतिक एवं भावनात्मक सीमाओं का प्रतीक रहा। समाजसेविका सौम्या ग्रोवर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह आयोजन प्राचार्य शमशेर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
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अटल बिहारी वाजपेयी की कविता पर चित्रांकन
प्रदर्शनी में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता 15 अगस्त की पुकार पर आधारित चित्रांकन भी प्रस्तुत किए गए। इनमें विस्थापन को केंद्रीय विषय के रूप में उभारा गया। विद्यार्थियों ने अपने घरों से उजड़े लोगों के भावनात्मक अनुभव को दृश्य रूप में अभिव्यक्त किया।
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प्रदर्शनी में एक विशाल विषयगत चित्र और मिश्रित माध्यम की कलाकृति प्रस्तुत की गई। यह कलाकृति 1947 के विभाजन से उत्पन्न मानवीय पीड़ा, विस्थापन और भावनात्मक घावों को दर्शाती थी। इसमें विस्थापित होते लोग, भीड़भाड़ वाली रेलगाड़ियां और पीड़ा के दृश्य चित्रित थे। कलाकृति की एक प्रमुख विशेषता कपड़े, धागे और सिलाई का उपयोग था। इन्हें विभाजन के घावों के रूपक के रूप में इस्तेमाल किया गया।
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भारत और पाकिस्तान के मानचित्रों के बीच कंटीले तारों का प्रयोग भौतिक एवं भावनात्मक सीमाओं का प्रतीक रहा। समाजसेविका सौम्या ग्रोवर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह आयोजन प्राचार्य शमशेर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
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अटल बिहारी वाजपेयी की कविता पर चित्रांकन
प्रदर्शनी में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता 15 अगस्त की पुकार पर आधारित चित्रांकन भी प्रस्तुत किए गए। इनमें विस्थापन को केंद्रीय विषय के रूप में उभारा गया। विद्यार्थियों ने अपने घरों से उजड़े लोगों के भावनात्मक अनुभव को दृश्य रूप में अभिव्यक्त किया।