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Rohtak News: पुलिस ने स्वतंत्र गवाह बनाया न शिनाख्त परेड कराई, कैंटर लूट के आरोपी बरी
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। साल 2018 में धान से भरा कैंटर लूट के चार आरोपियों को एएएसजे कपिल राठी की अदालत ने 21 जनवरी को बरी कर दिया। इनमें झज्जर के छारा निवासी अमन, पेलपा निवासी जसबीर उर्फ जस्सा, जींद के जुलाना निवासी राकेश उर्फ काला व हिसार के ढंढूर निवासी पालाराम शामिल हैं। पुलिस ने न तो स्वतंत्र गवाह बनाए और न ही आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई।
सोनीपत जिले के गांव गंगाना निवासी विक्रम उर्फ सोनू ने 26 जनवरी 2018 की महम थाने में शिकायत दी थी कि वह रात करीब साढ़े नौ बजे महम से जुलाना मंडी में धान से भरा कैंटर लेकर जा रहे थे। साथ में साथी बिजेंद्र भी था।
रात करीब 10 बजे जब वे गांव भैणी चंद्रपाल पहुंचे तो सफेद रंग की कार ने रास्ता रोक लिया। चार-पांच युवक कार से नीचे उतरे और ट्रक में घुस गए। पहले तो हम दोनों को पीटा, फिर चाकू निकालकर बिजेंद्र की गर्दन पर रख दिया। फिर बिजेंद्र को जबरदस्ती अपनी कार में खींच लिया। इनमें से दूसरे युवक ने ट्रक में ड्राइविंग सीट ले ली।
जब बेडवा गांव के पास पहुंचे तो दोनों को कार से बाहर फेंक दिया और कैंटर लूट ले भाग गए। फरवरी 2019 में पुलिस ने आरोपी अमन को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने सह आरोपी जसबीर, दीपक व राकेश के साथ मिलकर धान से भरे कैंटर को लूटा था। पता चला कि आरोपियों ने कैंटर व माल को बेच दिया। आरोपी दीपक की पहले ही हत्या हो चुकी थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों ने कहा कि उनके साथ वारदात नकाबपोश युवकों ने अंजाम दी थी। ऐसे में आरोपियों के चेहरे नहीं पहचान सकते। आरोपियों से नकदी बरामदगी के समय भी स्वतंत्र गवाह नहीं बनाए गए। इसका फायदा आरोपी पक्ष को मिला। चारों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।
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रोहतक। साल 2018 में धान से भरा कैंटर लूट के चार आरोपियों को एएएसजे कपिल राठी की अदालत ने 21 जनवरी को बरी कर दिया। इनमें झज्जर के छारा निवासी अमन, पेलपा निवासी जसबीर उर्फ जस्सा, जींद के जुलाना निवासी राकेश उर्फ काला व हिसार के ढंढूर निवासी पालाराम शामिल हैं। पुलिस ने न तो स्वतंत्र गवाह बनाए और न ही आरोपियों की शिनाख्त परेड कराई।
सोनीपत जिले के गांव गंगाना निवासी विक्रम उर्फ सोनू ने 26 जनवरी 2018 की महम थाने में शिकायत दी थी कि वह रात करीब साढ़े नौ बजे महम से जुलाना मंडी में धान से भरा कैंटर लेकर जा रहे थे। साथ में साथी बिजेंद्र भी था।
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रात करीब 10 बजे जब वे गांव भैणी चंद्रपाल पहुंचे तो सफेद रंग की कार ने रास्ता रोक लिया। चार-पांच युवक कार से नीचे उतरे और ट्रक में घुस गए। पहले तो हम दोनों को पीटा, फिर चाकू निकालकर बिजेंद्र की गर्दन पर रख दिया। फिर बिजेंद्र को जबरदस्ती अपनी कार में खींच लिया। इनमें से दूसरे युवक ने ट्रक में ड्राइविंग सीट ले ली।
जब बेडवा गांव के पास पहुंचे तो दोनों को कार से बाहर फेंक दिया और कैंटर लूट ले भाग गए। फरवरी 2019 में पुलिस ने आरोपी अमन को गिरफ्तार कर लिया। उसने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने सह आरोपी जसबीर, दीपक व राकेश के साथ मिलकर धान से भरे कैंटर को लूटा था। पता चला कि आरोपियों ने कैंटर व माल को बेच दिया। आरोपी दीपक की पहले ही हत्या हो चुकी थी।
अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों ने कहा कि उनके साथ वारदात नकाबपोश युवकों ने अंजाम दी थी। ऐसे में आरोपियों के चेहरे नहीं पहचान सकते। आरोपियों से नकदी बरामदगी के समय भी स्वतंत्र गवाह नहीं बनाए गए। इसका फायदा आरोपी पक्ष को मिला। चारों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया।