{"_id":"69eb847db88fffb82704fb1a","slug":"the-wait-for-q-shelters-in-the-city-is-growing-rohtak-news-c-17-roh1020-845048-2026-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: शहर में क्यू शेल्टर का बढ़ रहा इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: शहर में क्यू शेल्टर का बढ़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:24 AM IST
विज्ञापन
04-सिटी बस। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। शहर में प्रदूषण मुक्त सफर के लिए शुरू की गई इलेक्ट्रिक बसों को डेढ़ साल से अधिक का समय बीत चुका है इसके बावजूद यात्रियों को अभी भी क्यू शेल्टर (बस स्टैंड) का इंतजार है। लंबे समय के बाद भी प्रमुख स्टॉपेज पर यात्रियों के लिए छायादार टी-शेड नहीं बन सका है।
इलेक्ट्रिक बसों का 09 से अधिक स्थानों पर ठहराव होता है लेकिन दिल्ली बाईपास चौक के अलावा कहीं भी यात्रियों की सुविधा में क्यू शेल्टर नहीं बना है। यात्री धूप, गर्मी व बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करने को मजबूर हैं।
शीला बाईपास, जाट भवन, जाट शिक्षण संस्था, पावर हाउस, मेडिकल मोड, पीजीआई जैसे प्रमुख स्थानों पर जहां यात्रियों की संख्या अच्छी है। यहां भी बैठने की कोई सुविधा नहीं है।
यात्रियों का कहना है कि प्रशासन ने बसें तो चला दीं लेकिन मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम रहा है। हालांकि, शहर में पीजीआई के रणबीर सिंह ओपीडी के सामने व दिल्ली बाईपास चौक क्यू शेल्टर है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से ही शहर में क्यू शेल्टर बनाएं जाएंगे।
शहर में पहले से बने नगर निगम के क्यू शेल्टर के बाद नये क्यू शेल्टर बनाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है।
- मनजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के 15 माह बाद भी धरातल पर कुछ नहीं बदला। पहले भी नगर निगम की सिटी बसें के संचालन के दौरान भी अव्यवस्था के यात्रियों को परेशानी होती थी।
- जसबीर कुमार, पुराना हाउसिंग बोर्ड।
बसों के लिए डेडिकेटेड स्टॉपेज न होने के कारण बसें मुख्य सड़क पर ही खड़ी की जाती हैं जिससे कई बार जाम की समस्या पैदा होती है। क्यू शेल्टर का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि राहत मिल सके।
- राजेश कुमार, सेक्टर - 14
Trending Videos
इलेक्ट्रिक बसों का 09 से अधिक स्थानों पर ठहराव होता है लेकिन दिल्ली बाईपास चौक के अलावा कहीं भी यात्रियों की सुविधा में क्यू शेल्टर नहीं बना है। यात्री धूप, गर्मी व बारिश के मौसम में खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शीला बाईपास, जाट भवन, जाट शिक्षण संस्था, पावर हाउस, मेडिकल मोड, पीजीआई जैसे प्रमुख स्थानों पर जहां यात्रियों की संख्या अच्छी है। यहां भी बैठने की कोई सुविधा नहीं है।
यात्रियों का कहना है कि प्रशासन ने बसें तो चला दीं लेकिन मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम रहा है। हालांकि, शहर में पीजीआई के रणबीर सिंह ओपीडी के सामने व दिल्ली बाईपास चौक क्यू शेल्टर है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम की ओर से ही शहर में क्यू शेल्टर बनाएं जाएंगे।
शहर में पहले से बने नगर निगम के क्यू शेल्टर के बाद नये क्यू शेल्टर बनाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है।
- मनजीत कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के 15 माह बाद भी धरातल पर कुछ नहीं बदला। पहले भी नगर निगम की सिटी बसें के संचालन के दौरान भी अव्यवस्था के यात्रियों को परेशानी होती थी।
- जसबीर कुमार, पुराना हाउसिंग बोर्ड।
बसों के लिए डेडिकेटेड स्टॉपेज न होने के कारण बसें मुख्य सड़क पर ही खड़ी की जाती हैं जिससे कई बार जाम की समस्या पैदा होती है। क्यू शेल्टर का निर्माण किया जाना चाहिए ताकि राहत मिल सके।
- राजेश कुमार, सेक्टर - 14
