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Rohtak: बुखार होने पर राष्ट्रीय पहलवान को फार्मासिस्ट ने दिया इंजेक्शन, तीन दिन बाद आया होश; जानें पूरा मामला
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 16 Mar 2026 05:47 PM IST
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सार
11 मार्च को विजय को हल्का बुखार था। उनके शरीर में दर्द हो रहा था। विजय को उसका दोस्त अनुज दवाई दिलाने के लिए हेल्थ कार्नर फार्मेसी पर ले गया। फार्मेसी स्टोर संचालक ने उनके भाई विजय को एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन लगा दिया।
अस्पताल में भर्ती पहलवान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बुखार होने पर फार्मासिस्ट ने राष्ट्रीय स्तर के पहलवान राजस्थान के नीम का थाना जिले के गांव सिरोही निवासी अजय लांबा (21) को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया। तीन दिन बाद पहलवान को होश आया। छह दिन बाद भी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। पुलिस ने अजय के भाई विजय के बयान पर फार्मासिस्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान के नीमका थाना जिले के गांव सिरोनी निवासी अजय ने बताया उनका छोटा भाई विजय लांबा राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर का पहलवान है। तीन बार जूनियर तो दो बार सीनियर वर्ग में राजस्थान की तरफ से राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भाग ले चुका है। डेढ़ साल से रोहतक की देव कॉलोनी स्थित मेहर सिंह अखाड़े में अभ्यास करता है।
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11 मार्च को विजय को हल्का बुखार था। उनके शरीर में दर्द हो रहा था। विजय को उसका दोस्त अनुज दवाई दिलाने के लिए हेल्थ कार्नर फार्मेसी पर ले गया। फार्मेसी स्टोर संचालक ने उनके भाई विजय को एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन लगा दिया। यह इंजेक्शन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की ओर से शरीर को स्थिर करने के लिए प्रयोग किया जाता है। इससे उसका भाई बेहोश हो गया। उसे पहले पीजीआई ले जाया गया जहां से अस्पताल में दाखिल करवाया गया है।
तीन दिन बाद खोली आंखें
विजय की हालत अब भी खराब है। तीन दिन बाद उसे होश आया। अब छह दिन बाद भी बोलने की हालत में नहीं है। डॉक्टरों ने उन्हें अनफिट करार दिया है। पहलवान के भाई का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से बात की। पता चला है कि एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन केवल अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट या प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों के द्वारा ही दिया जा सकता है। इसके लगाने से ब्लड प्रेशर कम होना, त्वचा का फड़कना घबराहट होना शामिल है।
पहलवान के भाई के बयान पर फार्मेसी संचालक के खिलाफ जल्दबाजी व लापरवाही से दूसरे का जीवन खतरे में डालने का बीएनएस की धारा 125बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपी की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी पकड़ में नहीं आया है। -इंस्पेक्टर रोशन लाल, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस
विजय की हालत अब भी खराब है। तीन दिन बाद उसे होश आया। अब छह दिन बाद भी बोलने की हालत में नहीं है। डॉक्टरों ने उन्हें अनफिट करार दिया है। पहलवान के भाई का कहना है कि उन्होंने डॉक्टरों से बात की। पता चला है कि एट्रैक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन केवल अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट या प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों के द्वारा ही दिया जा सकता है। इसके लगाने से ब्लड प्रेशर कम होना, त्वचा का फड़कना घबराहट होना शामिल है।
पहलवान के भाई के बयान पर फार्मेसी संचालक के खिलाफ जल्दबाजी व लापरवाही से दूसरे का जीवन खतरे में डालने का बीएनएस की धारा 125बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। आरोपी की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी पकड़ में नहीं आया है। -इंस्पेक्टर रोशन लाल, प्रभारी थाना पीजीआईएमएस