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Rohtak News: तीन हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों से टीबी स्क्रीनिंग होगी आसान
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 22 Jun 2026 05:40 AM IST
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24 डॉ. विकास
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में जल्द ही स्क्रीनिंग प्रक्रिया और अधिक आसान व तेज होने वाली है। इसके लिए तीन नई हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें लाई जा रही हैं।
जिला टीबी अस्पताल में कार्यरत डॉ. विकास ने बताया कि फिलहाल दो हैंडहेल्ड मशीनें जिले में पहुंच चुकी हैं जबकि एक और मशीन जल्द आएगी। इन मशीनों पर करीब 60 लाख रुपये की लागत आई है। अस्पताल में हर माह लगभग 1700 नए और पुराने मरीज पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि इन मशीनों के आने से टीबी स्क्रीनिंग प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो जाएगी। इनके माध्यम से बड़े पैमाने पर जांच कर मरीजों की पहचान की जा सकेगी। साथ ही पीड़ितों की लाइव स्क्रीनिंग भी संभव होगी।
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इस मशीन की सहायता से मरीज को खड़ा करके एक्स-रे किया जाता है। यह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीक पर कार्य करती है। मशीन को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है। यह एक बॉक्स में समा जाती है, जो इसकी विशेषता है। इसके अलावा यह चार्जिंग पर संचालित होती है।
टीबी जांच शिविरों में होगा उपयोग
टीबी अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विकास ने बताया कि हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग टीबी मरीजों की पहचान के लिए किया जाएगा। शहर से दूर गांवों और अन्य क्षेत्रों में लगाए जाने वाले जांच शिविरों में इन मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर मरीजों की समय पर पहचान की जा सके।
पीजीआई में लगेगी पैथोडिटेक्ट, जिले में स्थापित हैं आठ ट्रूनेट मशीनें
डॉ. विकास ने बताया कि जिले की विभिन्न सीएचसी और एसडीएच में फिलहाल आठ ट्रूनेट मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। इनके माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान और उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पीजीआई में करीब 35 लाख रुपये की लागत से पैथोडिटेक्ट मशीन स्थापित की जाएगी। इससे एक साथ 30 से अधिक मरीजों की जांच और उपचार प्रक्रिया को गति मिल सकेगी।
रोहतक। टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिले में जल्द ही स्क्रीनिंग प्रक्रिया और अधिक आसान व तेज होने वाली है। इसके लिए तीन नई हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें लाई जा रही हैं।
जिला टीबी अस्पताल में कार्यरत डॉ. विकास ने बताया कि फिलहाल दो हैंडहेल्ड मशीनें जिले में पहुंच चुकी हैं जबकि एक और मशीन जल्द आएगी। इन मशीनों पर करीब 60 लाख रुपये की लागत आई है। अस्पताल में हर माह लगभग 1700 नए और पुराने मरीज पहुंचते हैं।
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उन्होंने बताया कि इन मशीनों के आने से टीबी स्क्रीनिंग प्रक्रिया अधिक प्रभावी और तेज हो जाएगी। इनके माध्यम से बड़े पैमाने पर जांच कर मरीजों की पहचान की जा सकेगी। साथ ही पीड़ितों की लाइव स्क्रीनिंग भी संभव होगी।
इस मशीन की सहायता से मरीज को खड़ा करके एक्स-रे किया जाता है। यह एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित तकनीक पर कार्य करती है। मशीन को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है। यह एक बॉक्स में समा जाती है, जो इसकी विशेषता है। इसके अलावा यह चार्जिंग पर संचालित होती है।
टीबी जांच शिविरों में होगा उपयोग
टीबी अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विकास ने बताया कि हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग टीबी मरीजों की पहचान के लिए किया जाएगा। शहर से दूर गांवों और अन्य क्षेत्रों में लगाए जाने वाले जांच शिविरों में इन मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग कर मरीजों की समय पर पहचान की जा सके।
पीजीआई में लगेगी पैथोडिटेक्ट, जिले में स्थापित हैं आठ ट्रूनेट मशीनें
डॉ. विकास ने बताया कि जिले की विभिन्न सीएचसी और एसडीएच में फिलहाल आठ ट्रूनेट मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं। इनके माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान और उपचार किया जा रहा है। इसके अलावा पीजीआई में करीब 35 लाख रुपये की लागत से पैथोडिटेक्ट मशीन स्थापित की जाएगी। इससे एक साथ 30 से अधिक मरीजों की जांच और उपचार प्रक्रिया को गति मिल सकेगी।