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Sirsa News: टैक्नीकल यूरिया के 500 बैग से भरा ट्रक पकड़ा, कृषि विभाग ने यूरिया के नमूने जांच के लिए भेजे, बैच नंबर संदिग्ध
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:36 PM IST
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यूरिया के साथ पकड़ा गया ट्रैक और जांच के लिए पहुंचे अधिकारी।
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सिरसा। खाजाखेड़ा के बाद वीरवार को टैक्नीकल ग्रेड यूरिया के करीब 500 बैग से भरा एक ट्रक पकड़ा गया। किसान नेताओं की सूचना पर कृषि विभाग और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और यूरिया के नमूने परीक्षण के लिए भेज दिए।
किसान नेताओं का आरोप है कि टैक्नीकल ग्रेड के कट्टों में कृषि उपयोग वाली (एग्रीकल्चर ग्रेड) यूरिया भरकर भेजी जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता लखविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें पंचकूला के बरवाला स्थित एक फर्टिलाइजर कंपनी द्वारा यूरिया की इस तरह हेराफेरी की सूचना मिली थी।
किसानों ने इसमें फर्जी बिल और दस्तावेज के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है। शिकायत के अनुसार कृषि अधिकारी डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज के साथ मिलकर ‘स्टिंग’ की योजना बनाई गई। इसके तहत किसान साथी विक्रम कुमार ने व्हाट्सएप के माध्यम से यूरिया का ऑनलाइन ऑर्डर दिया। आज जब यूरिया से भरा ट्रक मोरीवाला के पास पहुंचा तो उसे रुकवाकर पुलिस और कृषि विभाग को सूचित किया गया।
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ट्रक चालक के दस्तावेज और मोबाइल में मौजूद बिलों की पड़ताल की गई। कागजात में यूरिया को टैक्नीकल ग्रेड दर्शाया गया है लेकिन कट्टों पर अंकित बैच नंबर और अन्य मार्किंग संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। यूरिया का बिल चौबुर्जा की एक फर्म के नाम पर है जिसकी जांच की जाएगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार खाद बाहर से सिरसा लाई गई थी। यूरिया एग्रीकल्चर ग्रेड है या टैक्नीकल इसकी पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद होगी। मामले की गहन जांच की जा रही है और यूरिया मंगवाने वाली फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
किसान नेताओं का आरोप है कि टैक्नीकल ग्रेड के कट्टों में कृषि उपयोग वाली (एग्रीकल्चर ग्रेड) यूरिया भरकर भेजी जा रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेता लखविंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्हें पंचकूला के बरवाला स्थित एक फर्टिलाइजर कंपनी द्वारा यूरिया की इस तरह हेराफेरी की सूचना मिली थी।
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किसानों ने इसमें फर्जी बिल और दस्तावेज के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है। शिकायत के अनुसार कृषि अधिकारी डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज के साथ मिलकर ‘स्टिंग’ की योजना बनाई गई। इसके तहत किसान साथी विक्रम कुमार ने व्हाट्सएप के माध्यम से यूरिया का ऑनलाइन ऑर्डर दिया। आज जब यूरिया से भरा ट्रक मोरीवाला के पास पहुंचा तो उसे रुकवाकर पुलिस और कृषि विभाग को सूचित किया गया।
ट्रक चालक के दस्तावेज और मोबाइल में मौजूद बिलों की पड़ताल की गई। कागजात में यूरिया को टैक्नीकल ग्रेड दर्शाया गया है लेकिन कट्टों पर अंकित बैच नंबर और अन्य मार्किंग संदिग्ध प्रतीत हो रही हैं। यूरिया का बिल चौबुर्जा की एक फर्म के नाम पर है जिसकी जांच की जाएगी।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार खाद बाहर से सिरसा लाई गई थी। यूरिया एग्रीकल्चर ग्रेड है या टैक्नीकल इसकी पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद होगी। मामले की गहन जांच की जा रही है और यूरिया मंगवाने वाली फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।