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Sirsa News: केंद्रीय नोडल अधिकारी ने लैब से लाइब्रेरी तक जांचीं व्यवस्थाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:28 PM IST
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कंप्यूटर लैब निरीक्षण के दौरान बच्चों से मिलते भारत सरकार के संयुक्त सचिव मधुकर कुमार भगत।
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- संयुक्त सचिव मधुकर कुमार भगत ने विद्यार्थियों से किया संवाद, मिड-डे मील चखा, पेयजल व ट्रांसफार्मर समस्या के समाधान के निर्देश
फोटो-- 30,3
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव एवं पीएमश्री स्कूलों के केंद्रीय नोडल अधिकारी (सीएनओ-पीएमश्री) मधुकर कुमार भगत ने बुधवार को जिले के चार पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
संयुक्त सचिव ने सर्वप्रथम वायुसेना केंद्र स्थित केंद्रीय विद्यालय का निरीक्षण किया जहां विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गतिविधियां, योग प्रदर्शन, स्काउट कार्यक्रम तथा शिक्षकों के अभिनंदन के तरीके ने उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन और गतिविधि आधारित शिक्षण वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहभागितापूर्ण गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
इसके बाद उन्होंने पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़ागुढ़ा, पीएमश्री विद्यालय ओढ़ां तथा जवाहर नवोदय विद्यालय पीएमश्री, ओढ़ां का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण लाल वर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सचदेवा, एपीसी विनोद कुमार, बलवीर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़ागुढ़ा पीएमश्री स्कूल में संयुक्त सचिव सीधे बॉयोलॉजी एवं फिजिक्स लैब में चल रही कक्षाओं में पहुंचे जहां उन्होंने विद्यार्थियों से विषय संबंधी प्रश्न पूछकर उनकी समझ का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धति, लैब आधारित पढ़ाई और विद्यार्थियों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विज्ञान शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर प्रयोग आधारित बनाया जाना चाहिए।
पीएमश्री ओढ़ां में निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने विद्यालय परिसर में पीएमश्री ग्रांट से निर्मित नई लाइब्रेरी का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की सराहना की। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, उपलब्ध पुस्तकों तथा विद्यार्थियों की पठन गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को परोसे जा रहे चावल और सफेद चनों का स्वाद चखा तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्था की प्रशंसा की।
पीएमश्री बनने के बाद बदलावों की ली जानकारी
संयुक्त सचिव ने पीएम श्री योजना के अंतर्गत विद्यालयों में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों से यह भी जाना कि पीएमश्री का दर्जा मिलने के बाद स्कूलों में किस प्रकार के सकारात्मक बदलाव आए हैं।
- बच्चों को दी खुद सोचने की सीख
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संयुक्त सचिव ने उनकी पढ़ाई में रुचि, शिक्षण पद्धति तथा पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है तथा अत्यधिक निर्भरता सोचने की स्वाभाविक क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
- समस्याएं सुन अफसरों को दिए समाधान के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ओढ़ां पीएमश्री विद्यालय में स्टाफ और विद्यार्थियों ने पेयजल समस्या तथा ट्रांसफार्मर संबंधी परेशानी उनके समक्ष रखी। इस पर संयुक्त सचिव ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी संसाधनों और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त सचिव एवं पीएमश्री स्कूलों के केंद्रीय नोडल अधिकारी (सीएनओ-पीएमश्री) मधुकर कुमार भगत ने बुधवार को जिले के चार पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
संयुक्त सचिव ने सर्वप्रथम वायुसेना केंद्र स्थित केंद्रीय विद्यालय का निरीक्षण किया जहां विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गतिविधियां, योग प्रदर्शन, स्काउट कार्यक्रम तथा शिक्षकों के अभिनंदन के तरीके ने उनका ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विद्यालय में अनुशासन और गतिविधि आधारित शिक्षण वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहभागितापूर्ण गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होती हैं।
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इसके बाद उन्होंने पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बड़ागुढ़ा, पीएमश्री विद्यालय ओढ़ां तथा जवाहर नवोदय विद्यालय पीएमश्री, ओढ़ां का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण लाल वर्मा, उप जिला शिक्षा अधिकारी विजय सचदेवा, एपीसी विनोद कुमार, बलवीर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बड़ागुढ़ा पीएमश्री स्कूल में संयुक्त सचिव सीधे बॉयोलॉजी एवं फिजिक्स लैब में चल रही कक्षाओं में पहुंचे जहां उन्होंने विद्यार्थियों से विषय संबंधी प्रश्न पूछकर उनकी समझ का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से प्रयोगात्मक शिक्षण पद्धति, लैब आधारित पढ़ाई और विद्यार्थियों की सहभागिता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विज्ञान शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर प्रयोग आधारित बनाया जाना चाहिए।
पीएमश्री ओढ़ां में निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने विद्यालय परिसर में पीएमश्री ग्रांट से निर्मित नई लाइब्रेरी का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों की सराहना की। उन्होंने पुस्तकालय की व्यवस्थाओं, उपलब्ध पुस्तकों तथा विद्यार्थियों की पठन गतिविधियों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मिड-डे मील योजना की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों को परोसे जा रहे चावल और सफेद चनों का स्वाद चखा तथा भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्था की प्रशंसा की।
पीएमश्री बनने के बाद बदलावों की ली जानकारी
संयुक्त सचिव ने पीएम श्री योजना के अंतर्गत विद्यालयों में हुए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थियों से यह भी जाना कि पीएमश्री का दर्जा मिलने के बाद स्कूलों में किस प्रकार के सकारात्मक बदलाव आए हैं।
- बच्चों को दी खुद सोचने की सीख
विद्यार्थियों से संवाद करते हुए संयुक्त सचिव ने उनकी पढ़ाई में रुचि, शिक्षण पद्धति तथा पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वयं सोचने और समझने की क्षमता विकसित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि तकनीक का संतुलित उपयोग आवश्यक है तथा अत्यधिक निर्भरता सोचने की स्वाभाविक क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
- समस्याएं सुन अफसरों को दिए समाधान के निर्देश
निरीक्षण के दौरान ओढ़ां पीएमश्री विद्यालय में स्टाफ और विद्यार्थियों ने पेयजल समस्या तथा ट्रांसफार्मर संबंधी परेशानी उनके समक्ष रखी। इस पर संयुक्त सचिव ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त को शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, तकनीकी संसाधनों और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण पद्धति पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।
