{"_id":"69f24c1d96ff0fe8fb082c3e","slug":"samadhan-samaroh-sirsa-news-c-128-1-svns1027-157582-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: समाधान समारोह से न्याय प्रक्रिया होगी तेज और सरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: समाधान समारोह से न्याय प्रक्रिया होगी तेज और सरल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:51 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत से
सुप्रीम कोर्ट की पहल के तहत आपसी सहमति से होंगे मामलों के निपटान : मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला
21, 22 व 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सर्वोच्च न्यायालय ने लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह नामक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का त्वरित और आपसी सहमति से निपटारा सुनिश्चित करना है। यह अभियान 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है। इसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने बताया कि इस अभियान के तहत विभिन्न मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा बल्कि लोगों को शीघ्र और संतोषजनक न्याय भी मिल सकेगा।
सचिव ने बताया कि यह अभियान न्याय को आमजन तक सरल तरीके से पहुंचाने की परिकल्पना पर आधारित है। यहां पारंपरिक अदालती प्रक्रिया के बजाय संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में यह पहल देशभर के न्यायालयों, विधिक सेवा प्राधिकरणों, अधिवक्ताओं और संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास से संचालित की जा रही है।
सचिव ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। लंबित मामलों की सूची बनाकर संबंधित पक्षकारों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें प्री-लोक अदालत सुलह बैठकों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थों और काउंसलरों की सहायता से विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
सचिव ने बताया कि आवश्यकता अनुसार वर्चुअल और हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि दूर-दराज के लोग भी आसानी से जुड़ सकें। यह अभियान विवाद से संवाद की भावना को प्रोत्साहित करते हुए एक ऐसे न्याय मॉडल को बढ़ावा देता है जिसमें सभी पक्षों की सहभागिता से संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकलता है।
सचिव ने अधिवक्ताओं, वादकारियों और सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके। न्याय प्रक्रिया को अधिक मानवीय, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सके।
Trending Videos
सुप्रीम कोर्ट की पहल के तहत आपसी सहमति से होंगे मामलों के निपटान : मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला
21, 22 व 23 अगस्त को विशेष लोक अदालत का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सर्वोच्च न्यायालय ने लंबित मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समाधान समारोह नामक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का त्वरित और आपसी सहमति से निपटारा सुनिश्चित करना है। यह अभियान 21 अप्रैल से प्रारंभ हो चुका है। इसका समापन 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित विशेष लोक अदालत के साथ होगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने बताया कि इस अभियान के तहत विभिन्न मामलों में पक्षकारों को आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा बल्कि लोगों को शीघ्र और संतोषजनक न्याय भी मिल सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सचिव ने बताया कि यह अभियान न्याय को आमजन तक सरल तरीके से पहुंचाने की परिकल्पना पर आधारित है। यहां पारंपरिक अदालती प्रक्रिया के बजाय संवाद, सहमति और मध्यस्थता के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में यह पहल देशभर के न्यायालयों, विधिक सेवा प्राधिकरणों, अधिवक्ताओं और संबंधित संस्थाओं के समन्वित प्रयास से संचालित की जा रही है।
सचिव ने बताया कि अभियान की सफलता के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई है। लंबित मामलों की सूची बनाकर संबंधित पक्षकारों से संपर्क किया जाएगा और उन्हें प्री-लोक अदालत सुलह बैठकों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इन बैठकों में प्रशिक्षित मध्यस्थों और काउंसलरों की सहायता से विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
सचिव ने बताया कि आवश्यकता अनुसार वर्चुअल और हाइब्रिड मोड में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि दूर-दराज के लोग भी आसानी से जुड़ सकें। यह अभियान विवाद से संवाद की भावना को प्रोत्साहित करते हुए एक ऐसे न्याय मॉडल को बढ़ावा देता है जिसमें सभी पक्षों की सहभागिता से संतुलित और व्यावहारिक समाधान निकलता है।
सचिव ने अधिवक्ताओं, वादकारियों और सभी संबंधित पक्षों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की ताकि अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति से निपटारा हो सके। न्याय प्रक्रिया को अधिक मानवीय, प्रभावी और समयबद्ध बनाया जा सके।
