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Sirsa News: गांवों से होकर गुजरता है देश का विकास
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 29 Apr 2026 11:44 PM IST
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सुशासन की ओर गांव कार्यशाला में संबोधित करते हुए कुलपति। विवि
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर रूरल स्टडीज एवं यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर आउटरीच प्रोग्राम्स एंड एक्सटेंशन के संयुक्त तत्वावधान में सुशासन की ओर गांव विषय पर बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला हुई। कार्यशाला में सिरसा तथा फतेहाबाद जिलों के 50 से अधिक सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार तथा कुलसचिव डॉॅ. सुनील कुमार ने किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार ने ग्रामीण प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय का सहयोग कैसे हो सकता है, इस दिशा में सरपंचों तथा प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय और ग्रामीण समाज के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
कुलपति ने भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सामंजस्य एवं एकता, तथा संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
कुलपति ने यह भी प्रस्ताव रखा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी गांवों में आउटरीच प्रोग्राम के माध्यम से जुड़ें और गांवों के विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करें जिससे उनकी क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिले।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने शिक्षा के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने, सुशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट वक्ता एवं सोशल साइंस संकाय के डीन प्रोफेसर सुल्तान ढांडा ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। भारत के समग्र विकास का मार्ग गांवों से होकर ही गुजरता है।
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विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विजय कुमार ने ग्रामीण प्रवेश के साथ विश्वविद्यालय का सहयोग कैसे हो सकता है, इस दिशा में सरपंचों तथा प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया। कुलपति ने विश्वविद्यालय और ग्रामीण समाज के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
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कुलपति ने भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सामंजस्य एवं एकता, तथा संघर्ष समाधान जैसे विषयों पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। साथ ही बच्चों में बढ़ती मोबाइल लत पर चिंता व्यक्त करते हुए जागरूकता अभियान चलाने की बात कही।
कुलपति ने यह भी प्रस्ताव रखा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी गांवों में आउटरीच प्रोग्राम के माध्यम से जुड़ें और गांवों के विद्यार्थी विश्वविद्यालय के पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करें जिससे उनकी क्षमता निर्माण को बढ़ावा मिले।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ सुनील कुमार ने शिक्षा के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाने, सुशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा संवेदनशीलता के महत्व पर प्रकाश डाला। विशिष्ट वक्ता एवं सोशल साइंस संकाय के डीन प्रोफेसर सुल्तान ढांडा ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। भारत के समग्र विकास का मार्ग गांवों से होकर ही गुजरता है।
