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Sirsa News: डीसी बोले- मेडिकल स्टोर लाइसेंस से पहले होगा पुलिस सत्यापन
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 10 Jun 2026 10:35 PM IST
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सिरसा। लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस कक्ष में बुधवार को उपायुक्त शांतनु शर्मा की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि मेडिकल स्टोर का लाइसेंस जारी करने से पहले संबंधित व्यक्ति का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए। सत्यापन के बाद ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उपायुक्त ने नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे नशा पीड़ितों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें और जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास लेकर जाएं।
उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए तथा नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास में हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण और डबवाली पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर भी मौजूद रहीं। इस दौरान जिले को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई।
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उपायुक्त ने निर्देश दिए कि युवाओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर नशा मुक्ति संबंधी वॉल पेंटिंग करवाई जाए। साथ ही मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
नशा मुक्ति मित्र चलाएंगे जागरूकता अभियान
जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड ने बताया कि नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय युवाओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को ‘नशा मुक्ति मित्र’ बनाया जाएगा। ये स्वयंसेवक गांवों और शहरी वार्डों में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। बैठक में जिला न्यायवादी विनोद कुमार, जेल अधीक्षक जसवंत सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. संजय कुमार, जिला आयुष अधिकारी डॉ. आशु शर्मा, अमित मनहर, अरमजीत कौर आदि माैजूद रहे।
उपायुक्त ने नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नशा मुक्ति अभियान को गांव-गांव तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे नशा पीड़ितों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करें और जरूरत पड़ने पर उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास लेकर जाएं।
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उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए तथा नशा पीड़ितों के उपचार और पुनर्वास में हरसंभव सहायता उपलब्ध करवाई जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण और डबवाली पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर भी मौजूद रहीं। इस दौरान जिले को नशामुक्त बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि युवाओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर नशा मुक्ति संबंधी वॉल पेंटिंग करवाई जाए। साथ ही मेडिकल स्टोरों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि अवैध रूप से नशीली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।
नशा मुक्ति मित्र चलाएंगे जागरूकता अभियान
जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलोड ने बताया कि नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय युवाओं, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को ‘नशा मुक्ति मित्र’ बनाया जाएगा। ये स्वयंसेवक गांवों और शहरी वार्डों में जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगे। बैठक में जिला न्यायवादी विनोद कुमार, जेल अधीक्षक जसवंत सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. संजय कुमार, जिला आयुष अधिकारी डॉ. आशु शर्मा, अमित मनहर, अरमजीत कौर आदि माैजूद रहे।