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Sirsa News: अंधेरे में खुली पोल, शहर में स्ट्रीट व तिरंगा लाइटें मिलीं बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 14 Jun 2026 11:58 PM IST
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सिरसा बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें।
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सिरसा। शहर की रोशनी व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। उपायुक्त के निर्देशों पर उनकी विशेष टीम ने रात के समय शहर की विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया जिसमें कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें और तिरंगा लाइटें बंद मिलीं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद उपायुक्त ने नगर परिषद अधिकारियों की शुक्रवार को विशेष बैठक बुला और अधिकारियों को फटकार लगाई। साथ ही जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट और तिरंगा लाइट को दुरुस्त करने के आदेश दिए।
बता दें कि शहर में लगातार मिल रही शिकायतों और सड़क हादसों के कारणों को जानने के लिए उपायुक्त ने अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक टीम ने रात के समय प्रमुख सड़कों, चौकों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं। इतना ही नहीं, 60 प्रतिशत तिरंगा लाइट भी बंद थी या गायब थी। बड़े स्तर पर नगर परिषद की बिजली शाखा की लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया कि स्ट्रीट लाइट को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। शहर की सुंदरता और सुरक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई स्थानों पर लंबे समय से खराब लाइटों को ठीक नहीं किया गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कई जगह मिले डार्क जोन
निरीक्षण टीम ने पाया कि शहर में कई ऐसी जगह जहां पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण डार्क जोन बना हुआ है। वहां पर हादसे होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। डबवाली रोड, बरनाला रोड, हिसार रोड, रानियां रोड, बेगू रोड की मुख्य सड़कों पर इस तरह के हालात सामने आए। कई जगह पर हाई मास्ट लाइट तक बंद मिली।
नगर परिषद के जेई नहीं करते हैं रात के समय निरीक्षण
जांच में सामने आया है कि नगर परिषद के जेई स्तर के अधिकारी रात 9 बजे के बाद फील्ड में नहीं जाते हैं। इसी कारण उन्हें पता तक नहीं रहता है कि रात में किन किन एरिया में लाइट बंद है। वर्तमान में अधिकांश निगरानी कार्य ठेकेदारों और एचकेआरएन के तहत नियुक्त लाइट इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहा हैं। यहीं कारण है कि शहर की स्ट्रीट लाइट व अन्य लाइटें बंद पड़ी है।
कई जगह पर लगी है नई स्ट्रीट लाइट व पोल
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार शहर में कई जोन ऐसे हैं जहां पर स्ट्रीट लाइट के पोल नहीं लगे हुए हैं। इसको लेकर अलग-अलग पाॅकेट के आधार पर टेंडर लगाए गए हैं। जल्द ही यह टेंडर ओपन हो जाएंगे। बेगू रोड, डबवाली रोड, जेसीडी से लेकर पुल तक नई लाइट लगाने का टेंडर लगाया गया है। इसके अलावा तिरंगा लाइटों को लेकर भी विशेष प्लान बनाया जा रहा है।
शहर में 16 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट
नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार शहर में स्ट्रीट लाइट के 16 हजार प्वाइंट हैं। इन प्वाइंटों को एजेंसी को ठेके पर दिया गया है। ठेकेदार ने महज 10 कर्मचारी इस काम के लिए लगाए हुए हैं जो महज वार्डों की शिकायतों को ही पूरा कर पाते हैं। शहर के मुख्य मार्गों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। वहीं, इन सब को मॉनिटर करने के लिए एक लाइट इंस्पेक्टर को लगाया गया है जो नगर परिषद में शिकायतों व अन्य कागजी प्रक्रिया में लगा रहता है। अधिकारियों के विशेष आदेशों पर ही फील्ड में जाकर स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करवाता है। यही कारण है कि शहर में बड़े स्तर पर लाइटें बंद और खराब पड़ी है।
उपायुक्त के आदेशों के अनुसार स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाएगा। एजेंसी को सभी लाइटों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। वहीं, तिरंगा लाइटों को लेकर टेंडर लगाया जाएगा ताकि सभी लाइटों को नियमित रूप से दुरुस्त किया जा सके।
-रमेश कुमार, जेई, बिजली शाखा
बता दें कि शहर में लगातार मिल रही शिकायतों और सड़क हादसों के कारणों को जानने के लिए उपायुक्त ने अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करने के आदेश दिए थे। इसके तहत एक टीम ने रात के समय प्रमुख सड़कों, चौकों और सार्वजनिक स्थलों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद पाई गईं। इतना ही नहीं, 60 प्रतिशत तिरंगा लाइट भी बंद थी या गायब थी। बड़े स्तर पर नगर परिषद की बिजली शाखा की लापरवाही सामने आई।
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निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया कि स्ट्रीट लाइट को लेकर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। शहर की सुंदरता और सुरक्षा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। कई स्थानों पर लंबे समय से खराब लाइटों को ठीक नहीं किया गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई जगह मिले डार्क जोन
निरीक्षण टीम ने पाया कि शहर में कई ऐसी जगह जहां पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण डार्क जोन बना हुआ है। वहां पर हादसे होने का खतरा कई गुणा बढ़ जाता है। डबवाली रोड, बरनाला रोड, हिसार रोड, रानियां रोड, बेगू रोड की मुख्य सड़कों पर इस तरह के हालात सामने आए। कई जगह पर हाई मास्ट लाइट तक बंद मिली।
नगर परिषद के जेई नहीं करते हैं रात के समय निरीक्षण
जांच में सामने आया है कि नगर परिषद के जेई स्तर के अधिकारी रात 9 बजे के बाद फील्ड में नहीं जाते हैं। इसी कारण उन्हें पता तक नहीं रहता है कि रात में किन किन एरिया में लाइट बंद है। वर्तमान में अधिकांश निगरानी कार्य ठेकेदारों और एचकेआरएन के तहत नियुक्त लाइट इंस्पेक्टर के भरोसे चल रहा हैं। यहीं कारण है कि शहर की स्ट्रीट लाइट व अन्य लाइटें बंद पड़ी है।
कई जगह पर लगी है नई स्ट्रीट लाइट व पोल
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार शहर में कई जोन ऐसे हैं जहां पर स्ट्रीट लाइट के पोल नहीं लगे हुए हैं। इसको लेकर अलग-अलग पाॅकेट के आधार पर टेंडर लगाए गए हैं। जल्द ही यह टेंडर ओपन हो जाएंगे। बेगू रोड, डबवाली रोड, जेसीडी से लेकर पुल तक नई लाइट लगाने का टेंडर लगाया गया है। इसके अलावा तिरंगा लाइटों को लेकर भी विशेष प्लान बनाया जा रहा है।
शहर में 16 हजार स्ट्रीट लाइट प्वाइंट
नगर परिषद के आंकड़ों के अनुसार शहर में स्ट्रीट लाइट के 16 हजार प्वाइंट हैं। इन प्वाइंटों को एजेंसी को ठेके पर दिया गया है। ठेकेदार ने महज 10 कर्मचारी इस काम के लिए लगाए हुए हैं जो महज वार्डों की शिकायतों को ही पूरा कर पाते हैं। शहर के मुख्य मार्गों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। वहीं, इन सब को मॉनिटर करने के लिए एक लाइट इंस्पेक्टर को लगाया गया है जो नगर परिषद में शिकायतों व अन्य कागजी प्रक्रिया में लगा रहता है। अधिकारियों के विशेष आदेशों पर ही फील्ड में जाकर स्ट्रीट लाइट दुरुस्त करवाता है। यही कारण है कि शहर में बड़े स्तर पर लाइटें बंद और खराब पड़ी है।
उपायुक्त के आदेशों के अनुसार स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया जाएगा। एजेंसी को सभी लाइटों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। वहीं, तिरंगा लाइटों को लेकर टेंडर लगाया जाएगा ताकि सभी लाइटों को नियमित रूप से दुरुस्त किया जा सके।
-रमेश कुमार, जेई, बिजली शाखा