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Sirsa News: 8 राज्यों से पहुंचे कलाकारों ने मचाया खूब धमाल
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 13 Mar 2026 01:33 AM IST
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महोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार। (संवाद)
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- जेएनवी में फाल्गुन महोत्सव : कलाकारों ने प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने राज्यों की संस्कृति के बारे में करवाया अवगत
फोटो- 42, 43
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव ओढ़ां के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में फाल्गुन महोत्सव का आयोजन धूमधाम से हुआ। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से आयोजित इस महोत्सव में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात व हिमाचल प्रदेश सहित 8 प्रदेशों से पहुंचे कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने राज्यों की संस्कृति बारे अवगत करवाया।
इस अवसर पर उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहायक निदेशक जरनैल सिंह, सीडीएलयू सिरसा से विभागाध्यक्ष विनोद कुमार, चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसाइटी सिरसा से अनीता वर्मा व पंजाबी सिंगर सतिन्द्र बुग्गा विशेष रूप से पहुंचे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद हरियाणवी रागनी कलाकार मुकेश राणा (जेएनवी ओढ़ां) ने अपनी टीम के साथ ‘गौरी म्हारी छम-छम करती पाणी न चाली’ के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इसके बाद जेएनवी ओढ़ां के विद्यार्थियों ने हरियाणवी गीत पर सुंदर प्रस्तुति देकर खूब धमाल मचाया।
वहीं, हिमाचल प्रदेश की टीम ने ‘सिरमौरी नाटी’ नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। इसी प्रकार, गुजरात का डांडिया व गरबा, बरसाना की होली, झारखंड का पुरलिया छाऊ, उत्तरप्रदेश का मयूर, राजस्थान का भवाई लोक नृत्य, कश्मीर का बचनगमा व रूफ, पंजाब का भंगड़ा, हरियाणा का फाग सहित संस्कृति से जुड़ीं विभिन्न शानदार प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की समृद्धता एवं विविधता को दर्शाते हुए समां बांध दिया। कार्यक्रम के उपरांत सभी कलाकारों को विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
कार्यक्रम में मंच संचालन करते हुए एंकर संजीव शाद ने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को देश की गौरवशाली संस्कृति एवं कला के बारे में अवगत करवाना एवं आपस में जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग मोबाइल फोन के फेर में पड़कर भारतीय संस्कृति से दूर होता जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें अपनी संस्कृति का बोध होगा।
प्राचार्य ने जताया सभी का आभार
विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने सभी कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिला है। विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से 8 राज्यों की संस्कृति से रू-ब-रू हुए हैं। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समावेश में भी सहायक सिद्ध होगा। वहीं, सिंगर सतिन्द्र बुग्गा ने कहा कि लुप्त होती संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे आयोजनों की बहुत आवश्यकता है।
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फोटो- 42, 43
संवाद न्यूज एजेंसी
ओढ़ां। गांव ओढ़ां के पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय में फाल्गुन महोत्सव का आयोजन धूमधाम से हुआ। उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला की ओर से आयोजित इस महोत्सव में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उत्तर प्रदेश, गुजरात व हिमाचल प्रदेश सहित 8 प्रदेशों से पहुंचे कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों के जरिए अपने-अपने राज्यों की संस्कृति बारे अवगत करवाया।
इस अवसर पर उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के सहायक निदेशक जरनैल सिंह, सीडीएलयू सिरसा से विभागाध्यक्ष विनोद कुमार, चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसाइटी सिरसा से अनीता वर्मा व पंजाबी सिंगर सतिन्द्र बुग्गा विशेष रूप से पहुंचे।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद हरियाणवी रागनी कलाकार मुकेश राणा (जेएनवी ओढ़ां) ने अपनी टीम के साथ ‘गौरी म्हारी छम-छम करती पाणी न चाली’ के माध्यम से हरियाणवी संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इसके बाद जेएनवी ओढ़ां के विद्यार्थियों ने हरियाणवी गीत पर सुंदर प्रस्तुति देकर खूब धमाल मचाया।
वहीं, हिमाचल प्रदेश की टीम ने ‘सिरमौरी नाटी’ नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। इसी प्रकार, गुजरात का डांडिया व गरबा, बरसाना की होली, झारखंड का पुरलिया छाऊ, उत्तरप्रदेश का मयूर, राजस्थान का भवाई लोक नृत्य, कश्मीर का बचनगमा व रूफ, पंजाब का भंगड़ा, हरियाणा का फाग सहित संस्कृति से जुड़ीं विभिन्न शानदार प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की समृद्धता एवं विविधता को दर्शाते हुए समां बांध दिया। कार्यक्रम के उपरांत सभी कलाकारों को विद्यालय प्रबंधन की ओर से स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
कार्यक्रम में मंच संचालन करते हुए एंकर संजीव शाद ने कहा कि इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लोगों को देश की गौरवशाली संस्कृति एवं कला के बारे में अवगत करवाना एवं आपस में जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज का युवा वर्ग मोबाइल फोन के फेर में पड़कर भारतीय संस्कृति से दूर होता जा रहा है। ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें अपनी संस्कृति का बोध होगा।
प्राचार्य ने जताया सभी का आभार
विद्यालय के प्राचार्य ललित कालड़ा ने सभी कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यालय के विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिला है। विद्यार्थी इस कार्यक्रम के माध्यम से 8 राज्यों की संस्कृति से रू-ब-रू हुए हैं। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समावेश में भी सहायक सिद्ध होगा। वहीं, सिंगर सतिन्द्र बुग्गा ने कहा कि लुप्त होती संस्कृति को बचाने के लिए ऐसे आयोजनों की बहुत आवश्यकता है।