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Sirsa News: हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन के नहीं लगे गेट, बारिश में सेम वाले किसान होंगे परेशान

संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 25 Mar 2026 11:31 PM IST
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farmers protested on dc office
उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए किसान नेता। संवाद
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- एडीसी ने एसडीओ को किया फोन, एसडीओ बोले-योजना में बदलाव का काम चल रहा है, जल्द गेट लगा दिए जाएंगे
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- हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन की ड्राइंग में किया जा रहा है बदलाव ताकि कम खर्च में किया जा सके काम
किसानों ने अन्य मांगें भी रखीं एडीसी के सामने
फोटो - 22


संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन के लिए सिंचाई विभाग की नकारात्मक कार्यप्रणाली पर बुधवार को विभिन्न किसान यूनियनों के नेताओं ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने सेम की समस्या से निजात से लेकर हिसार घग्गर ड्रेन के गेट पर दिए गए समय में काम नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की। वहीं, अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सेहरावत को अपना मांगपत्र सौंपा।
अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सेहरावत ने किसानों को आश्वासन दिया कि हिसार घग्गर मल्टीपर्पज ड्रेन का गेट लगाने का कार्य जल्द करवाया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पूछा कि मई में मानसून आ जाएगा। अब तक आपने गेट लगाने का काम पूरा नहीं किया है।
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विभाग के अधिकारियों ने कहा कि वे गेट लगाने की डिजाइन में बदलाव करने जा रहे हैं ताकि आधुनिक पंपिंग सिस्टम की व्यवस्था भी की जा सके। एडीसी ने कहा कि जो भी करना है वह मानसून की बारिश शुरू होने से पहले करें। उसके बाद समाधान का किसानों को क्या फायदा होगा।
किसान नेता प्रकाश सिंह ममेरा, दशवीर सिंह भट्टी, गुरुदास लकड़ावाली, सुरेंद्र सिंह सिद्धू, हंसराज पचार, प्रकाश बाना, जगदीश स्वामी आदि ने बताया कि कई दिनों तक ओटू हेड पर सेम की समस्या पर धरना दिया गया था। उपायुक्त की मौजूदगी में अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि कमेटी हर 15 दिनों में किसानों के साथ मौके का निरीक्षण करेगी और बैठक कर जानकारी देगी।
किसान नेताओं ने बताया कि हिसार घग्गर ड्रेन पर कोई बैठक अधिकारियों ने नहीं की और न ही मौके पर पहुंचे। बैकफ्लो की समस्या के समाधान के लिए भी कोई कदम नहीं उठाया गया। गेट नहीं लगाए गए। मई माह के अंत में प्री मानसून शुरू हो जाएगा। इन दो माह के अंदर गेट नहीं लगे तो मानसून के समय में किसानों को बारिश के समय ड्रेन टूटने की समस्या से जूझना पड़ेगा। इससे सेम वाले गांवों में बड़े स्तर पर दिक्कत आएगी।
किसान नेताओं ने ये मांगें रखीं
-ट्रैक्टर की नंबर प्लेट की मांग नाजायज
किसान नेताओं ने कहा कि किसान ट्रैक्टर का केवल अपने खेत और मंडी में अनाज के लिए प्रयोग करता है। वह कोई तस्करी नहीं करता है। सरकार मंडी में आने वाले किसानों के ट्रैक्टर का फोटो करवाने और नंबर प्लेट होने की शर्त लगा रही है। यह नाजायज है। ऐसे में मंडी के बाहर किसानों के वाहनों की लाइन लग जाएगी। किसान मंडी में फसल नहीं बेच पाएगा। वहीं, मंडी प्रबंधन के पास भी इतने कर्मचारी नहीं हैं कि वे हर वाहन का फोटो खींचें।
जमींदारों का वर्ष 2025-2026 का बीमा उनके खाते में डालें
किसान नेताओं ने एडीसी को अवगत करवाया कि ग्रामीण बैंक का नाम बदल गया है। ऐसे में बैंकों ने किसानों के मुआवजे के पैसे रोक लिए हैं जो सरासर गलत है। बैंक जल्द से जल्द पैसा जारी करे या किसानों को ब्याज दे। एडीसी ने एलडीएम को आदेश दिए हैं कि वे जमींदारों के बीमा क्लेम के पैसे जल्द से जल्द उनके खातों में डालें। किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सरसों की बोली सुबह 11 बजे से हो शुरू
किसानों ने मांग रखी कि सरसों लेकर किसान सुबह ही मंडी में आ जाता है लेकिन खरीद का काम दो बजे के बाद शुरू होता है। इससे दिनभर किसान परेशान होता है। एडीसी ने डीएमईओ को निर्देश दिए कि वे सभी मंडियों में सुबह 11 बजे से बोली सुनिश्चित करें। डीएमईओ राहुल कुंडू ने तुरंत प्रभाव से सभी मंडी सचिव को लिखित आदेश जारी कर दिए कि वे सुबह 11 बजे से ही बोली शुरू कर दें।
एसओपी का इंतजार कर रहा विभाग
सरकार के आदेशों की विस्तृत गाइडलाइन एसओपी के माध्यम से मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के पास आती है। बुधवार तक अधिकारियों को एसओपी नहीं मिली है। 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। इसी आधार पर किसानों व आढ़तियों को जागरूक करने का काम अधिकारी करेंगे। ऑनलाइन सिस्टम की व्यवस्था अधिकारी बनाएंगे।
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